विदेश की खबरें | बुल्गारिया के लेखक जॉर्जी गोस्पोडिनोव को ‘टाइम शेल्टर’ के लिए मिला अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

‘टाइम शेल्टर’ ने पुरस्कार की दौड़ में शामिल पांच किताबों को पीछे छोड़कर यह पुरस्कार जीता है, जो दुनिया भर के उन उपन्यासों को पहचान दिलाता है जिनका अंग्रेजी में अनुवाद किया गया है। 62,000 डॉलर की पुरस्कार राशि को लेखक और अनुवादक के बीच बांटा जाएगा।

‘टाइम शेल्टर’ एक ऐसे क्लिनिक की कहानी है, जहां अतीत को एक प्रकार से पुनर्जीवित किया जाता है और इसकी हर मंजिल को एक अलग दशक के तौर पर दिखाया जाता है और इसका मकसद उन लोगों की मदद करना है जो डिमेंशिया (मनोभ्रंश) से पीड़ित हैं और पुरानी बातें भूल चुके हैं, लेकिन जल्द ही आधुनिक दुनिया से बचने के लिए लोग इसकी ओर आकर्षित होने लगते हैं।

गोस्पोडिनोव (55) ने कहा कि उन्होंने 2016 में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने और ब्रिटेन के ब्रेक्जिट संबंधी जनमत संग्रह के वर्ष में लिखना शुरू किया था।

उन्होंने कहा कि वह समय ऐसा था जब हर ओर बेचैनी का आलम था।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अतीत के दैत्य के बारे में एक उपन्यास लिखना चाहता था...।’’

निर्णायक पैनल की अध्यक्षत एवं फ्रांसीसी उपन्यासकार लीला स्लिमानी ने कहा कि यह ‘‘ विडंबना और अवसाद से भरा एक शानदार उपन्यास है।’’

जॉर्जी गोस्पोडिनोव बुल्गारिया के उन लेखकों में से हैं, जिनके कई उपन्यासों का अनुवाद किया गया है।

‘टाइम शेल्टर’ के इतालवी अनुवाद ने साहित्य के लिए इटली का ‘स्ट्रेगा यूरोपीय पुरस्कार’ भी जीता है।

एपी निहारिका शोभना

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