देश की खबरें | कर्नाटक विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से होगा शुरू, हंगामे के आसार

बेंगलुरु, दो जुलाई कर्नाटक विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा जिसके हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई कांग्रेस की करीब डेढ़ महीने पुरानी सरकार को उसकी चुनावी गारंटी को लेकर घेरने की तैयारी कर चुकी है।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया वित्त विभाग का कार्यभार भी संभाल रहे हैं और वह सात जुलाई को राज्य का बजट पेश करेंगे। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस को पांच गारंटी लागू करने में कथित रूप से ‘‘असफल’’ होने पर घेरने की तैयारी की है क्योंकि सत्तारूढ़ दल ने सत्ता में आने के पहले दिन से इन्हें लागू करने का वादा किया था।

विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करने के साथ शुरू होगा जिसमें वह सरकार की योजनाओं को रेखांकित करेंगे। संभावना है कि कर्नाटक सरकार पिछली सरकार द्वारा लागू किए गए धर्मांतरण रोधी कानून को समाप्त करने के लिए विधेयक लेकर आएगी।

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सरकार गोवध रोधी कानून को भी समाप्त करने के लिए विधेयक पेश करेगी जिसे कर्नाटक मवेशी वध व संरक्षण अधिनियम 2020 के नाम से लागू किया गया था।

सरकार कर्नाटक भूमि सुधार (संशोधन) अधिनियम को भी समाप्त करने के लिए विधेयक ला सकती है। इसके अलावा वह कृषि उपज विपणन (विनियमन और विकास) (संशोधन) अधिनियम, 2020 से जुड़ा विधेयक भी पेश कर सकती है।

उम्मीद की जा रही है कि जब कांग्रेस धर्मांतरण रोधी और गोवध रोधी कानून को खत्म करने के लिए विधेयक पेश करेगी तो भाजपा पुरजोर तरीके से इसका विरोध करेगी। सत्र के दौरान पाठ्यपुस्तकों से ‘भगवाकरण को समाप्त’ करने की कोशिश को लेकर भी भाजपा हंगामा कर सकती है।

सिद्धरमैया सरकार पांच गारंटी परियोजनाओं के लिए बजटीय प्रावधान कर सकती है जिनमें गृह ज्योति योजना (प्रत्येक घर को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली), गृह लक्ष्मी योजना (बीपीएल/ एपीएल राशन कार्ड धारक परिवारों की महिला मुखिया को प्रत्येक महीने दो हजार रुपये की सहायता), अन्न भाग्य योजना (बीपीएल राशन कार्ड धारक परिवार के प्रत्येक सदस्य को 10-10 किलोग्राम चावल मुहैया कराने के लिए), युवा निधि योजना (इस शैक्षणिक सत्र में उत्तीर्ण स्नातक बेरोजगार को प्रत्येक महीने तीन हजार रुपये और डिप्लोमा धारक को 1500 रुपये मासिक की सहायता तो 24 महीने के लिए देय होगी) और शक्ति योजना (पूरे कर्नाटक में गैर लग्जरी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा) शामिल है।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के मुताबिक, इस साल का बजट करीब 3.35 लाख करोड़ रुपये का होगा जिसमें से करीब 60 हजार करोड़ रुपये पांच गांरटी पर व्यय होंगे।

भाजपा ने सरकार की गांरटी लागू करने में कथित असफलता के खिलाफ सदन के भीतर और बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने प्रदर्शन का आह्वान किया है और कहा कि हजारों कार्यकर्ता उनके साथ इस प्रदर्शन में जुड़ेंगे।

भाजपा ने हालांकि, अब तक कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति नहीं की है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)