देश की खबरें | बजट में पर्यटन को ‘अमृत काल’ के एक प्रमुख परिवर्तनकारी अवसर के रूप में चिह्नित किया गया: रेड्डी

नयी दिल्ली, एक फरवरी केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बजट में पर्यटन को चार ‘‘प्रमुख अवसरों’’ में से एक के रूप में पहचाना गया है, जो 'अमृत काल' के दौरान परिवर्तनकारी हो सकते हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘पर्यटन क्षेत्र में अभी बहुत संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के लिए व्यापक अवसर भी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अमृत काल के लिए हमारी दृष्टि में मजबूत सार्वजनिक वित्त और एक मजबूत वित्तीय क्षेत्र के साथ प्रौद्योगिकी-संचालित और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था शामिल है। इसे प्राप्त करने के लिए, सबका साथ-सबका प्रयास के माध्यम से जनभागीदारी आवश्यक है।’’

पूर्वोत्तर क्षेत्र की संस्कृति, पर्यटन और विकास विभाग (डोनर) का प्रभार संभालने वाले रेड्डी ने ट्वीट किया, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अमृतकाल बजट के लिए बहुत धन्यवाद जो विकास और समावेश को बढ़ावा देता है।’’

मोदी सरकार ने भारत के लिए अगले 25 वर्षों के अपने दृष्टिकोण के संदर्भ में बजट को 'अमृत काल बजट' बताया है।

रेड्डी ने ट्वीट किया, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्यटन को बढ़ावा देने में भारत के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर रहे हैं और बजट 2023 उनकी दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है। अमृत काल के लिए 4 प्रमुख परिवर्तनकारी अवसरों में से एक के रूप में पहचाने जाने वाले पर्यटन को 50 पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए एक पैकेज प्रदान किया गया है।’’

वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट में घोषणा की कि कम से कम 50 यात्रा स्थलों को ‘‘पूर्ण पैकेज’’ के रूप में विकसित किया जाएगा और राज्यों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक 'यूनिटी मॉल' स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यटन को ‘‘मिशन मोड’’ पर बढ़ावा दिया जाएगा।

रेड्डी ने कहा, ‘‘आज के केंद्रीय बजट के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को भारी बढ़ावा मिला है। आज के केंद्रीय बजट में 'देखो अपना देश' पर जोर दिया गया है, जो घरेलू पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के महत्व को उल्लेखित करता है।’’

उन्होंने वित्त मंत्री द्वारा घोषित भारत एसएचआरआई- भारत साझा पुरालेख निधान - के बारे में भी ट्वीट किया, ‘‘डिजिटल पुरालेख संग्रहालय में एक लाख प्राचीन पुरालेखों के डिजिटलीकरण के साथ ‘भारत साझा पुरालेख निधान’ हैदराबाद में स्थापित किया जाएगा।’’

केंद्रीय बजट 2023-24 के दस्तावेज के अनुसार पर्यटन मंत्रालय को 2,400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन पिछले बजट के समान ही है।

हालांकि, आंकड़ों से पता चला कि वर्ष 2022-23 के लिए संशोधित बजट अनुमान 1,343.13 करोड़ रुपये था।

संस्कृति क्षेत्र के लिए बजट परिव्यय 3399.65 करोड़ रुपये है जो पिछले बजट में 3009.05 करोड़ रुपये था।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘संस्कृति मंत्रालय के लिए बजट 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी विरासत भी' के मंत्र को और बढ़ावा देता है। संस्कृति मंत्रालय के बजट में 13 प्रतिशत अधिक परिव्यय के लिए माननीय प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का आभारी हूं, जो अब 3399.65 करोड़ रुपये है।’’

रेड्डी ने अपने ट्वीट में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और मंत्रालय के तहत अन्य विभागों को बजट में किये गये आवंटन के बारे में भी जानकारी साझा की।

एएसआई को केंद्रीय बजट 2023-24 में 1,102.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि केंद्रीय बजट 2022-23 में यह 1080.30 करोड़ रुपये था।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘इसके अतिरिक्त डोनर का बजट 2,755 करोड़ रुपये से दोगुना से अधिक बढ़कर 5,892 करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें पीएम-डिवाइन का आवंटन 5 गुना बढ़कर 2,200 करोड़ रुपये हो गया है।’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार कि भारत सरकार के मंत्रालयों द्वारा पूर्वोत्तर आवंटन 72,540 करोड़ रुपये से 30 प्रतिशत बढ़कर 94,680 करोड़ रुपये हो गया है।’’

संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'आजादी का अमृत महोत्सव' (एकेएएम) के लिए नोडल एजेंसी है।

उसने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के संशोधित परिव्यय में और 2023-24 के बजट परिव्यय में स्मरणोत्सव संबंधी गतिविधियों के लिए मंत्रालय की 'शताब्दी और वर्षगांठ समारोह' योजना के तहत एक विशेष प्रावधान किया गया है।

एकेएएम और अन्य स्मारकों के लिए अनुमानित व्यय के अनुसार और एकेएएम के तहत गतिविधियों के लिए संशोधित अनुमान चालू वित्त वर्ष के दौरान 110 करोड़ रुपये के बजट अनुमान से बढ़ाकर 353.82 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

उसने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए, प्रतिष्ठित व्यक्तियों की जन्म शती मनाने के लिए 185 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 2022-23 के बजट अनुमान से 68 प्रतिशत अधिक है।

मंत्रालय ने कहा कि साथ ही, केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 650.74 करोड़ रुपये की बढ़ी हुई राशि आवंटित की गई है।

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