नयी दिल्ली, आठ जुलाई बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद कुंवर दानिश अली ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा पाठ्यक्रम से राष्ट्रवाद, नागरिकता और धर्मनिरपेक्षता से संबंधित अध्यायों को हटाए जाने की आलोचना करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि यह ‘आपदा को अवसर में बदलने’ का एक उदाहरण है।
उन्होंने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘सीबीएसई ने पाठ्यक्रम से नागरिकता, राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता जैसे अध्यायों को हटा दिया है। क्या मानव संसाधन विकास मंत्रालय चाहता है कि ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के ‘अध्यायों’ के आधार पर शिक्षा आगे बढ़े?’’
अली ने आरोप लगाया कि यह ‘आपदा को अवसर में बदलने’ का एक और उदाहरण है।
गौरतलब है कि सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में अगले साल शामिल होने वाले विद्यार्थियों को धर्मनिरपेक्षता, राष्ट्रवाद, नागरिकता, नोटबंदी और लोकतांत्रिक अधिकारों के बारे में पढ़ने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि इन विषयों से संबंधित पाठों तथा कई अन्य पाठों को पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है।
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कोरोना वायरस संकट के बीच विद्यार्थियों पर पाठ्यक्रम का बोझ कम करने के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए कक्षा नौवीं से 12वीं के लिए 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम को घटाते हुए बुधवार को नया पाठ्यक्रम अधिसूचित किया।
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