देश की खबरें | केरल में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर विधानसभा में सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच नोंकझोंक

तिरुवनंतपुरम, 12 सितंबर केरल के एर्नाकुलम जिले में हाल ही में आठ साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मद्देनजर राज्य में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस नीत विपक्षी यूडीएफ और सत्तारूढ़ एलडीएफ के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।

विपक्षी गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विशेष तौर पर पुलिस एवं गृह विभाग राज्य में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में बुरी तरह विफल रहे हैं।

वहीं सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने आरोपों के जवाब में कहा कि पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

विपक्ष ने दावा किया कि पुलिस, गृह विभाग में एक 'मंडली' के नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह के आरोप लगाने वाले व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य की जांच की जरूरत है। गृह विभाग मुख्यमंत्री विजयन के अधीन है।

विपक्ष ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन का नोटिस दिया।

जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई एक घटना पर राज्य भर में रोष जताया गया था। उस घटना में बिहार के एक श्रमिक की पांच वर्षीय बेटी का यौन उत्पीड़न कर उसकी हत्या कर दी गई थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी भी बिहार का ही रहने वाला था और उसे घटना के तुरंत बाद पकड़ लिया गया था।

दूसरी घटना पिछले सप्ताह की है, जब बिहार के ही रहने वाले एक और श्रमिक की आठ वर्षीय बेटी को अगवा कर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। आरोपी केरल का मूल निवासी है। वह चोरी के कई मामलों में भी आरोपी है।

कार्यस्थगन नोटिस देने वाले यूडीएफ विधायक अनवर सदाथ ने सवाल किया कि क्या पुलिस मुख्यमंत्री के नियंत्रण में है या फिर किसी 'मंडली' के नियंत्रण में है?

विपक्ष के आरोपों के बीच विजयन ने कहा कि पुलिस ने सभी मामलों में सख्त कार्रवाई की है और अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।

उन्होंने कहा कि केरल पुलिस अपराधों की जांच और कानून व्यवस्था बनाए रखने के मामले में देश की सबसे सर्वश्रेष्ठ पुलिस में से एक है और यह राज्य के लिए गर्व की बात है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस और सरकार दोनों ही राज्य में लोगों की सुरक्षा एवं अपराधों पर लगाम लगाने में बुरी तरह से विफल रही हैं।

सतीशन ने आरोप लगाया कि अपराधी एवं मादक पदार्थों के तस्कर राज्य में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहे हैं वहीं पुलिस लाचार और मूकदर्शक बनी हुई है।

विधानसभा अध्यक्ष ए.एन शमसीर के मना करने के बावजूद वाम मोर्चे के कई सदस्यों एवं मंत्रियों ने सतीशन के भाषण के दौरान उन्हें बाधित करने की कोशिश की। एलडीएफ सदस्यों के हंगामे के कारण आईयूएमएल विधायक पी.के. कुन्हालकुट्टी अपनी बात नहीं रख सके। बाद में उन्होंने और उनकी पार्टी के सदस्यों ने सदन से वॉक आउट किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)