MCC: विश्व क्रिकेट समिति का बड़ा बयान, कहा- गेंदबाज ‘विलेन’ नहीं, नॉन स्ट्राइकर छोर पर खड़ा बल्लेबाज ही तोड़ रहा नियम
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की विश्व क्रिकेट समिति ने कहा कि किसी भी गेंदबाज को नॉन स्ट्राइकर छोर पर रन चुराने के प्रयास में अपनी क्रीज पर आगे खड़े बल्लेबाज को ‘रन आउट’ करने के लिये ‘विलेन’ नहीं कहा जा सकता.
लंदन, 24 फरवरी मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की विश्व क्रिकेट समिति ने कहा कि किसी भी गेंदबाज को नॉन स्ट्राइकर छोर पर रन चुराने के प्रयास में अपनी क्रीज पर आगे खड़े बल्लेबाज को ‘रन आउट’ करने के लिये ‘विलेन’ नहीं कहा जा सकता. विश्व क्रिकेट समिति (डब्ल्यूसीसी) ने सभी उम्र ग्रुप स्तर के क्रिकेट में इस तरीके से आउट होने के तरीके को सामान्य करने की कोशिश में यह बात कही. यह भी पढ़ें: आज से शुरू होगा कन्नड़ चलनचित्र कप का तीसरा सीजन, जानें शेड्यूल, टॉप प्लेयर्स और स्ट्रीमिंग से रिलेटेड सभी डिटेल्स
डब्ल्यूसीसी ने इस विवादास्पद मुद्दे पर ‘संयम’ बनाये रखने की भी बात कही क्योंकि कुछ पूर्व क्रिकेटर अब भी मानते हैं कि इस तरह बल्लेबाज को रन आउट करना खेल भावना के खिलाफ है जबकि आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) नियम बना चुका है कि इसे ‘रन आउट’ माना जाएगा.
खेल के नियम बनाने वाली एमसीसी ने पिछले महीने आस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर एडम जम्पा के बिग बैश लीग मैच में नॉन स्ट्राइकर छोर पर खड़े टॉम रोजर्स को रन आउट करने का प्रयास की घटना के बाद नियम के शब्दों पर स्पष्टीकरण जारी किया था.
इस स्पष्टीकरण में नियम 38.3 के शब्दों में बेहतर स्पष्टता प्रदान करने और गलतफहमियों को दूर करने के लिये बदलाव शामिल था.
डब्ल्यूसीसी में कुमार संगकारा, सौरव गांगुली, जस्टिन लैंगर, एलिस्टेयर कुक जैसे खिलाड़ी हैं जिसके चेयरमैन माइक गैटिंग हैं.
डब्ल्यूसीसी ने पिछले हफ्ते दुबई में आईसीसी मुख्यालय में बैठक की थी और अब वह खेल के सभी स्तरों (मनोरजंन के लिये क्रिकेट से लेकर एलीट स्तर तक) में इस नियम को स्वीकार करने के लिये शांत रहने की बात कर रही है क्योंकि नॉन स्ट्राइकर छोर पर क्रीज से आगे खड़े खिलाड़ी को रन आउट करना नियमों के अंतर्गत है.
एमसीसी ने गुरूवार को एक बयान में कहा, ‘‘सबसे अहम कारक यही है कि इस तरह के आउट होने के तरीके पर एक सरल तरीके से सभी तरह के संदेह और विवादों को खत्म किया जा सकता है कि नॉन स्ट्राइकर छोर पर खड़ा खिलाड़ी नियमों का पालन करे और अपनी क्रीज के अंदर तब तक बना रहे जब तक गेंदबाज के हाथ से गेंद फेंकी नहीं जाये.’’
इसके अनुसार, ‘‘दुबई में चर्चा में यह मुद्दा भी सामने आया कि इस तरह आउट करने पर गेंदबाज की आलोचना की जाती है। समिति के सभी सदस्य एकमत थे कि जो बल्लेबाज खेल के नियमों को तोड़कर क्रीज पर अपनी जगह से आगे खड़ा रहता है, वही दोषी है.’’
बयान में कहा गया, ‘‘वे इस बात पर भी सहमत थे कि गेंदबाज को बल्लेबाज को कोई चेतावनी देने की आवश्यकता नहीं है जिससे पुष्टि होती है कि उनके पास नियम तोड़ने वाले बल्लेबाज को उसी समय आउट करने का अधिकार है.’’
श्रीलंका के महान क्रिकेटर संगकारा ने कहा, ‘‘यहां गेंदबाज ‘विलेन’ (खलनायक) नहीं है. प्रत्येक बल्लेबाज के पास विकल्प है कि वे अपनी क्रीज के अंदर रहें या फिर अगर वे आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तो रन आउट किये जाने के जोखिम के लिये तैयार रहें. अगर वे अपनी क्रीज से बाहर रहते हैं तो वे ही नियमों को तोड़ रहे हैं.’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 24, 2023 02:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

