नयी दिल्ली, 23 मई देश की सीमाओं की सुरक्षा को मोदी सरकार की प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है।
यहां 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' (वीवीपी) पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए शाह ने यह भी कहा कि ऐसे 'जीवंत गांवों' का विकास जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी सुविधाएं हों, देश की सीमा सुरक्षा में अतिरिक्त मजबूती देगा।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा कहा है कि सीमावर्ती गांव देश के आखिरी गांव नहीं बल्कि पहले गांव हैं।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, गृह मंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा मोदी सरकार की प्राथमिकता है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है और गांवों को सुरक्षित रखे बिना सरहदों को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वीवीपी की अवधारणा दो मुख्य सुरक्षा पहलुओं पर ध्यान देने के लिए लाई गई है और यह दूर-दराज के इलाकों में स्थित सीमावर्ती गांवों से पलायन को रोकना और इन गांवों का विकास करना और सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ना है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत समर्पण और संविधान की भावना के तहत वीवीपी की अवधारणा की है कि प्रत्येक सीमावर्ती गांव को वैसी ही सुविधाएं मिलनी चाहिए जैसी मुख्य भूमि के किसी भी अन्य गांव में हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से, प्रधानमंत्री ने सीमा पर बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बहुत प्रयास किए। शाह ने कहा कि इसके बाद सीमावर्ती गांवों के लिए कई जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं गईं और अब सरहदी गांवों से पलायन रोकने के लिए वीवीपी की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पिछले नौ वर्षों में सीमा के बुनियादी ढांचे पर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि 1,134 किलोमीटर लंबी सीमा सड़क का निर्माण किया गया है और लगभग सभी चौकियों का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
शाह ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के जिला कलेक्टरों को ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ को गति देने के लिए हर सरहदी गांव में हर साल कम से कम पांच पहल करनी चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि वीवीपी के तहत गांवों में सहकारी समितियों के माध्यम से रोजगार सृजन की पर्याप्त गुंजाइश है।
उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के दैनिक खर्च का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाना चाहिए। शाह ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सीमावर्ती गांवों के नागरिक विकास की प्रक्रिया में पीछे रह गए।
गृह मंत्री ने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, देश के सभी नागरिकों को पीने का पानी, बिजली, स्वास्थ्य आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करके सर्व-समावेशी विकास प्रदान करने का समय आ गया है।
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