ब्लिंकन ने सबसे पहले कजाकिस्तान के विदेश मंत्री मुख्तार तिलेउबर्दी और फिर वहां के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव के साथ बातचीत की। इसके बाद तथाकथित सी5+1 समूह की बैठक होने की संभावना है।
सी5+1 समूह में अमेरिका और पूर्व सोवियत संघ के सदस्य-कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि सी5+1 की बैठक में ब्लिंकन ‘मध्य एशियाई देशों की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता’ पर जोर देंगे। रूस से युद्ध में यूक्रेन का समर्थन करने के लिए अमेरिका इसी प्रतिबद्धता का हवाला देता है।
कजाकिस्तान के बाद ब्लिंकन उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद रवाना होंगे। यह अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में मध्य एशियाई देशों का उनका पहला दौरा है।
ब्लिंकन यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के एक साल पूरे होने के कुछ दिनों बाद इन मध्य एशियाई देशों के दौरे पर पहुंचे हैं।
पूर्व सोवियत संघ का हिस्सा रह चुके कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान को पारंपरिक रूप से मॉस्को से प्रभावित माना जाता है, लेकिन इनमें से किसी ने भी सार्वजनिक रूप से युद्ध का समर्थन नहीं किया है।
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