देश की खबरें | ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई प्रवासियों की तुलना में अश्वेतों को अधिक नस्लवाद झेलना पड़ता है : पनेसर

नयी दिल्ली, 14 जुलाई भारतीय मूल के इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का मानना है कि ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई प्रवासियों को यदा कदा ही नस्लवाद का सामना करना पड़ता है लेकिन इसकी तुलना अश्वेत समुदाय के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में हो रहे बर्ताव से नहीं की जा सकती ।

पनेसर ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि उनके देश में अश्वेत समुदाय के साथ नस्लवाद खत्म होना चाहिये और अधिकारियों को पांच साल की योजना बनाकर इसे खत्म करना चाहिये ।

यह भी पढ़े | पंजाब मेडिकल कॉलेज के और 8 डॉक्टर पाए गए कोरोना पॉजिटिव: 14 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा ,‘‘ यदि कोई यहां काला रंग चढी खिड़कियों वाली कार चलाता है और वह अश्वेत है तो पुलिस उसकी कार जरूर रोकेगी । यहां अश्वेत लोग रोज पुलिस के खौफ के साये में जीते हैं ।’’

इंग्लैंड के लिये 50 टेस्ट में 167 विकेट ले चुके पनेसर ने कहा ,‘‘यह मेरे अश्वेत दोस्त बताते हैं । वे सुपरमार्केट जाते हैं तो लोगों को उन पर चोरी का शक होता है । यदि मैं जेब में कुछ रख लूं तो कोई ध्यान नहीं देगा लेकिन वे कुछ नहीं करते हैं तो भी उन पर शक रहता है ।’’

यह भी पढ़े | केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने खुद को किया क्वॉरन्टीन, कोरोना पॉजिटिव जम्मू-कश्मीर के BJP प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना के आए थे संपर्क में.

समूचे क्रिकेट जगत की तरह उन्हें भी वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर माइकल होल्डिंग के नस्लवाद पर दिये गए भाषण ने झकझोर दिया है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ पांच साल की योजना बनाकर इसे खत्म किया जाना चाहिये । भाषणों के बाद भी कुछ किया नहीं जाता तो फिर क्या फायदा । मैने माइकल होल्डिंग जैसा दमदार भाषण किसी का नहीं देखा । और क्रिकेट के जरिये ही नस्लवाद को खत्म करने से बेहतर क्या हो सकता है ।’’

पनेसर ने कहा ,‘‘ दक्षिण एशियाई समुदाय को यदा कदा ही सुनना पड़ता है लेकिन अश्वेतों को नियमित आधार पर यह सब सहना पड़ता है । सिख समुदाय दशकों से समाज सेवा कर रहा है और प्यार का संदेश फैला रहा है । लोग उसकी सराहना करके हमें वह प्यार लौटाते हैं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ लेकिन अश्वेत समुदाय की कोई गलती नहीं होने पर भी पुलिस उन्हें दंडित करती है । अब उन पर से यह कलंक हटाना होगा । उन्हें शिक्षित करके दूसरों की तरह सफेदपोश नौकरियां दी जानी चाहिये ।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)