विदेश की खबरें | काले अमेरिकी लोगों के कोरोना वायरस की चपेट में आने की आशंका अधिक : सर्वेक्षण

सर्वेक्षण के अनुसार , 11 प्रतिशत अफ्रीकी अमेरिकियों का कहना है कि वे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ थे जिनकी मृत्यु कोरोना वायरस के कारण हुई थी। वहीं कुल अमेरिकियों में यह प्रतिशत पांच है जबकि श्वेत अमेरिकियों के बीच यह प्रतिशत चार है।

ये निष्कर्ष अमेरिकी लोगों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर महामारी के प्रभाव के बारे में शिकागो विश्वविद्यालय में अप्रैल से जून के बीच किए गए तीन सर्वेक्षणों के आंकड़ों पर आधारित हैं।

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‘एपी-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च’ द्वारा हाल ही में किए गए सर्वेक्षणों में पाया गया कि काले अमेरिकियों को ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकारी होने की ज्यादा संभावना है जिनकी मौत कोरोना वायरस के कारण हुयी।

निष्कर्षों के अनुसार, इस वायरस से अमेरिका के काले लोगों के संक्रमित होने की अधिक आशंका के कारण पहले से मौजूद स्थितियों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी सीमित पहुंच आदि हैं।

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विशेषज्ञों और चिकित्सा पेशेवरों का कहना है कि दासता के बाद सदियों तक काले लोगों पर ढांचागत नस्लवाद और पीढ़ीगत आघात के लंबे प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

हेल्थ इक्विटी के संस्थापक डॉ यू ब्लैक्स्टॉक ने कहा ‘‘ हम यहां स्वास्थ्य संबंधी जो असमानताएं देख रहे हैं, वह नयी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी स्वास्थ्य प्रणाली की स्थापना नस्लवाद पर की गई है, और हमारे समुदायों को नस्लवाद द्वारा बीमार बना दिया गया। हम पहले से ही संकट में हैं। ’’

एपी

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