देहरादून, 10 मार्च उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के बृहस्पतिवार को जारी मतगणना में नौ सीटों पर जीत और 38 अन्य पर बढ़त के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का इतिहास रचने की कगार पर है।
राज्य की 70 विधानसभा सीटों में से 12 पर चुनावी नतीजे घोषित हो चुके हैं जिनमें से नौ सीटें सत्ताधारी भाजपा के पक्ष में गए हैं जबकि 38 अन्य पर पार्टी बढ़त बनाए हुए है।
वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए प्रदेश के इतिहास में किसी भी पार्टी ने लगातार दो बार सरकार नहीं बनायी है और भाजपा और कांग्रेस बारी-बारी से सत्ता में आती रही हैं।
सत्ता विरोधी लहर के दम पर प्रदेश की सत्ता में लौटने का दावा कर रही मुख्य विपक्षी कांग्रेस के तीन प्रत्याशियों को अब तक की मतगणना के अनुसार जीत हासिल हुई है जबकि 16 अन्य पर वह अपने प्रतिद्वंदियों पर बढ़त बनाए हुए है।
दो सीटों पर निर्दलीय तथा दो अन्य पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
हालांकि, इस चुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपनी विधानसभा सीट खटीमा को बरकरार रखने में विफल नजर आने से भाजपा की खुशियों पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। धामी कांग्रेस के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष भुवन चंद्र कापडी से 6951 मतों के अंतर से पिछड़ रहे हैं।
लगभग यही हाल कांग्रेस का भी है जिसके वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे हरीश रावत लालकुआं सीट से भाजपा प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट से 16600 वोटों के भारी अंतर से पीछे हैं।
देहरादून जिले के रायपुर से भाजपा के उमेश शर्मा काउ ने एक बार फिर 30,052 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट को हराकर न केवल अपनी सीट बरकरार रखी बल्कि प्रदेश में सबसे बड़ी जीत भी हासिल की। पिछले चुनाव में भी काउ ने 36000 मतों से प्रदेश में सबसे बड़ी जीत हासिल की थी।
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