देश की खबरें | 'संविधान बदलने के लिए भाजपा 400 से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतना चाहती है'; उद्धव ठाकरे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 400 से अधिक सीट जीतने के लक्ष्य के साथ इसलिए प्रचार कर रही है क्योंकि वह 'संविधान बदलना चाहती' है।
गुहागर, 14 मार्च शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 400 से अधिक सीट जीतने के लक्ष्य के साथ इसलिए प्रचार कर रही है क्योंकि वह 'संविधान बदलना चाहती' है।
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के गुहागर में एक रैली को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि देश में 'एक राष्ट्र एक चुनाव' की अवधारणा तानाशाही शासन की ओर एक कदम है।
उन्होंने कहा, ''भाजपा की रणनीति को समझें...वह लोकसभा की 543 सीट में से 400 से अधिक सीट इसलिए जीतना चाहती है क्योंकि जब वह संविधान बदलना चाहे तो विपक्ष के नेता आवाज न उठा सकें।''
उन्होंने कहा, 'हाल ही में 100 से अधिक सांसदों को संसद से निलंबित कर दिया गया था और इस दौरान किसी चर्चा के बिना कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिए गए।'
गौरतलब है कि भाजपा विधायक अनंतकुमार हेगड़े ने पिछले सप्ताह कहा था कि उनकी पार्टी को संविधान में संशोधन करने और 'कांग्रेस द्वारा इसमें की गई विकृतियों और अनावश्यक परिवर्धन को दुरूस्त करने के लिए' संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है।
हेगड़े के टिप्पणी से विवाद उत्पन्न हो गया, जिसें शांत करने के लिए भाजपा ने इसे उनकी व्यक्तिगत राय करार दिया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
ठाकरे ने दावा किया कि आज की भाजपा पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के दौर से बहुत अलग है।
शिवसेना में 2022 में फूट पड़ गई, जिससे यह दो दलों में विभाजित हो गई। इस बारे में जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि वह कभी भी मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन असाधारण परिस्थितियों में उन्होंने इस पद को स्वीकार किया था।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, 'अगर मैं मुख्यमंत्री बना भी तो मैं महाराष्ट्र के कल्याण के लिए काम कर रहा था। मैंने आपको मंत्री पद दिया और आपको विधानमंडल का सदस्य बनाया लेकिन आपने मुझे इस तरह से धोखा दिया।'
उन्होंने कहा कि भले ही शिवसेना विभाजित हो गई है और उसका चुनाव चिन्ह (धनुष और तीर) छीन लिया गया है, लेकिन फिर भी हर निर्वाचन क्षेत्र से उनके प्रति वफादार शिवसैनिक उन्हें बता रहे हैं कि उनकी पार्टी में अच्छे उम्मीदवार हैं और उनके जीतने की संभावना भी है।
ठाकरे ने कहा कि उनके विरोधी उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह शिव सैनिकों प्रेम के कारण मजबूती से खड़े हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 14, 2024 06:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

