नयी दिल्ली, सात सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता ए राजा की सनातन धर्म विरोधी टिप्पणी को बृहस्पतिवार को ‘अपमानजनक और अति कटु’ करार दिया और विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस’ यानी ‘इंडिया’ के ‘मानसिक दिवालियापन’ और ‘गहरे हिंदूफोबिया’ को दर्शाती है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी अल्पसंख्यक वोटों के मद्देनजर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए पिछले सप्ताह मुंबई की बैठक में लिए गए फैसले के तहत 'भारत की आत्मा, भावना और जड़ों' को 'जानबूझकर' बदनाम कर रहे हैं।
पार्टी ने यह सवाल भी खड़े किए किए कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन टिप्पणियों पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं।
कांग्रेस ने कहा कि वह द्रमुक नेता ए राजा और उनकी पार्टी के उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों से सहमत नहीं है और कांग्रेस 'सर्वधर्म समभाव' में विश्वास करती है।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नेता धर्मेंद्र प्रधान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नाम बदलने से मंशा और चरित्र नहीं छिपते हैं।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया राजा के उस बयान के बाद आई है जिसमें द्रमुक नेता ने कथित तौर पर कहा था कि सनातन धर्म की तुलना एड्स और कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों से की जानी चाहिए, जिनके साथ सामाजिक कलंक जुड़ा हुआ है।
राजा की टिप्पणी स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर दिए गए विवादित बयान के कुछ दिन बाद आई है।
तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधान ने कहा, ‘‘इस बार ए राजा द्वारा सनातन धर्म के बारे में अपमानजनक और अति कटु टिप्पणी की गई है। यह उस मानसिक दिवालियेपन और गहरे हिंदूफोबिया को दर्शाती है जिससे विपक्षी इंडिया गठबंधन घिरा हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि कैसे कांग्रेस और उसके मित्र जानबूझकर भारत की आत्मा, भावना और जड़ों को बदनाम कर रहे हैं।
प्रधान ने कहा कि नफरत फैलाने वालों को याद दिलाया जाए कि सनातन शाश्वत है, सनातन सत्य है।?
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने 'घमंडिया गठबंधन' के नेताओं द्वारा सनातन धर्म पर लगातार की जा रही 'ओछी बयानबाज़ी' को उनका अहंकार बताया और उसके नेताओं से देश से माफ़ी मांगने की बात कही।
उन्होंने कहा, “इतिहास गवाह है कि सनातन और हिंदू सभ्यता को मिटाने की कोशिश मुग़लों और अंग्रेजों ने आज से नहीं सदियों से की है, लेकिन सनातन सत्य है, शाश्वत है,अजर है, अमर है।"
उन्होंने कहा कि सनातन को लेकर जैसी टिप्पणी आजकल विपक्षी गठबंधन के नेता कर रहे हैं, ईश्वर से यही कामना करता हूं कि वह इन नेताओं का अहंकार और घमंड थोड़ा कम करें। उन्होंने कहा, "वे हिन्दुओं को अपमानित करते हैं... राहुल गांधी की नफरत की दुकान में जो नफरती सामान हैं वे विपक्षी गठबंधन के नेता बेच रहे हैं।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्षी नेता सनातन धर्म को अपमानित करने का कार्य कर रहे हैं जिसे देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा, "लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि राहुल गांधी कहां सो रहे हैं? जागिए राहुल जी, यह नफरत का बाजार जो आप फैला रहे हैं, देश से माफ़ी मांगने का समय आया है।" आप देश को बताइये क्या इनके बयानों से आप सहमत हैं? क्या यह कानून का उल्लंघन नहीं? संविधान का उल्लंघन नहीं? क्या यह संविधान की धज्जियां नहीं उड़ाई जा रही हैं? क्या यह हेट स्पीच नहीं? अगर है तो क्या घमंडिया गठबंधन के नेताओं को देश से माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए?"
द्रमुक विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' का हिस्सा है।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रह्लाद पटेल ने द्रमुक नेताओं की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए विपक्षी दलों पर वोटों के लिए 'नफरत की राजनीति' करने का आरोप लगाया और उन्हें सीमा पार करने के खिलाफ आगाह किया।
पटेल ने द्रमुक नेताओं की टिप्पणी को 'आईएनडीआई गठबंधन की साजिश' करार दिया और कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की 'चुप्पी' साबित करती है कि उन्होंने अपने सहयोगियों से सनातन धर्म के खिलाफ इस तरह के बयान देने को कहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी और फिर उनके सहयोगियों का बयान, चाहे वह द्रमुक नेता हो, कांग्रेस की दूसरी पंक्ति के नेता जो कर्नाटक मंत्रिमंडल में हैं या बिहार से राजद नेता हों, यह दर्शाता है कि यह इस आईएनडीआई गठबंधन की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।"
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व चुप है। राहुल गांधी चुप हैं। (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन) खरगे चुप हैं, जबकि उनके बेटे (प्रियांक खरगे) बोल रहे हैं... इससे साबित होता है कि आपने दूसरों को इस तरह के बयान देने के लिए कहा है।"
भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह तमिलनाडु में सहयोगी द्रमुक के अलावा अपने ही कुछ नेताओं द्वारा हिंदू धर्म के बारे में की गई विवादित टिप्पणियों पर 'चुप्पी' साधे हुए है।
पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने पूछा कि क्या 'इंडिया' समूह की हाल ही में हुई बैठक में 'हिंदुओं को बदनाम करने का फैसला किया गया।
द्रमुक नेताओं की टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म में दिए गए 'अमानवीय सिद्धांतों' के बारे में कुछ टिप्पणियां की हैं।
इस बीच, उदयनिधि ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और भाजपा नेताओं पर पिछले सप्ताह लेखकों के सम्मेलन में दिए गए उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।
द्रमुक की युवा शाखा के प्रमुख और राज्य के युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री ने इस संबंध में सभी मामलों का कानूनी रूप से सामना करने का संकल्प लिया।
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