दिल्ली में केदारनाथ जैसे मंदिर के निर्माण को लेकर भाजपा तीर्थ पुरोहितों, विपक्षी दलों के निशाने पर
दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ जैसे मंदिर के निर्माण को लेकर विपक्षी दलों तथा तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कहा कि ज्योर्तिलिंग प्रदेश में ही है और वह दूसरे स्थान पर नहीं हो सकता .
देहरादून, 15 जुलाई: दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ जैसे मंदिर के निर्माण को लेकर विपक्षी दलों तथा तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कहा कि ज्योर्तिलिंग प्रदेश में ही है और वह दूसरे स्थान पर नहीं हो सकता . यहां भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के मौके पर संवाददाताओं द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ ज्योर्तिलिंग का स्थान एक ही है. दूसरे स्थान पर धाम नहीं हो सकता. प्रतीकात्मक रूप से मंदिर अनेक स्थानों पर बने हैं. लेकिन धाम उत्तराखंड में ही है.’’
मुख्यमंत्री का यह बयान तब आया है कि जब पिछले सप्ताह दिल्ली में गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ के वास्तु पर आधारित एक मंदिर का शिलान्यास करने के बाद वह तथा उनकी सत्ताधारी भाजपा, विपक्षी पार्टियों एवं तीर्थ पुरोहितों के निशाने पर आ गयी है.
रूद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहितों, साधु-संतों और स्थानीय व्यावसायियों ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया और सीढ़ियों पर बैठकर धरना दिया. इस दौरान उन्होंने डमरू की थाप पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा उस पर धाम की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया.
कुछ दिन पहले, दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ जैसे एक मंदिर के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया. इस दौरान केदारनाथ से लाए गए एक पत्थर का पूजन भी किया गया था और प्रचारित किया गया कि जो लोग रूद्रप्रयाग में केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए नहीं जा सकते, उनके लिए बुराड़ी में भगवान केदारनाथ के दर्शन सुलभ हो सकेंगे.
केदारसभा के पूर्व पदाधिकारी विनोद शुक्ला ने कहा कि दिल्ली में केदारनाथ जैसे मंदिर के निर्माण कार्य को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आंदोलन से जुड़े तीर्थ पुरोहित संगठन के उमेश पोस्ती ने कहा कि वे मंदिर के विरोधी नहीं हैं लेकिन केदारनाथ धाम के नाम पर बनने वाले मंदिर का वे पुरजोर विरोध करते हैं.
इस बीच, श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि दिल्ली में बन रहे मंदिर से उत्तराखंड सरकार का कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर कोई बदरी—केदार के नाम का दुरूपयोग करता है तो उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2024 11:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

