बेंगलुरु, आठ जून भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश इकाई की सिफारिश की अनदेखी करते हुए राज्यसभा चुनाव के लिए कर्नाटक से एरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती को पार्टी उम्मीदवार बनाकर सोमवार को सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
भाजपा की कर्नाटक इकाई ने प्रभाकर कोरे, रमेश कट्टी और प्रकाश शेट्टी के नाम प्रस्तावित किए थे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व को ये नाम रास नहीं आए।
दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा दिल्ली में पार्टी ने एक बयान में की।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि कडाडी और गस्ती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से हैं।
कडाडी बेलगावी के निवासी हैं, जबकि गस्ती रायचूर से ताल्लुक रखते हैं।
कडाडी (54) ने अपने सक्रिय राजनीतिक करियर की शुरुआत 1989 में की थी और 1994 में भाजपा के टिकट पर अर्भावी निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
वह 2010 में बेलगावी जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे। वह भाजपा के राज्य सचिव भी रह चुके हैं।
सविता समाज से संबंध रखने वाले गस्ती पेशे से वकील हैं और वह भाजपा के ओबीसी प्रकोष्ठ के महासचिव भी रह चुके हैं।
वह पिछड़ी जाति विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष हैं।
राज्यसभा के टिकट के लिए कोरे और वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश कट्टी के भाई रमेश कट्टी को लेकर काफी लामबंदी हुई।
कोरे शिक्षाविद हैं और वह राज्यसभा में दूसरी बार जाने की उम्मीद कर रहे थे, जबकि प्रकाश अग्रणी होटल व्यवसायी हैं।
कडाडी उसी जिले से ताल्लुक रखते हैं जहां से रमेश कट्टी और कोरे ताल्लुक रखते हैं।
भाजपा के एक शीर्ष पदाधिकारी ने पीटीआई- से कहा, ‘‘पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर दृढ़ था कि प्रदेश इकाई को जमीनी स्तर के प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं के नाम की सिफारिश करनी चाहिए जिन्होंने विचारधारा के आधार पर कभी पार्टी के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY