नयी दिल्ली, चार फरवरी लोकसभा में बृहस्पतिवार को भाजपा के एक सदस्य ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के अधिकार उप राज्यपाल को सौंपे जाने की मांग उठाई।
भाजपा के रमेश बिधूड़ी ने शून्यकाल में कहा कि दिल्ली के संगम विहार और देवली इलाकों में छह-सात लाख लोग रहते हैं जिन्हें आने जाने के लिये सीमित रास्ते होने की वजह से आवागमन में बहुत असुविधा रहती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक कानून बनाया है जिसके तहत राज्य सरकारें वन भूमि का इस्तेमाल ऐसे काम के लिए कर सकती हैं।
बिधूड़ी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस संबंध में ध्यान नहीं दे रहे हैं और यदि इन क्षेत्रों के पास रिज की भूमि में से एक चौड़ा मार्ग बनाया जाए तो कई लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के मुख्यमंत्री संवेदनहीन हैं, इसलिए उनके अधिकार उप राज्यपाल को हस्तांतरित किये जाएं ताकि वे इस बाबत फैसला कर सकें।’’
शून्यकाल में भाजपा के ही उदय प्रताप सिंह ने सावित्री बाई फुले के समाज सुधार में अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें भारत की पहली महिला शिक्षक होने का गौरव प्राप्त है और स्कूलों में सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर के सााथ सावित्री बाई फुले के छायाचित्र भी लगाये जाने चाहिए ताकि विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में जान सकें।
बीजू जनता दल के बी महताब ने महात्मा गांधी की 1921 में ओडिशा यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके सौ वर्ष पूरे होने के मौके पर केंद्र सरकार को कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए और एक स्मारक डाक टिकट जारी करना चाहिए।
भाजपा के मनोज तिवारी ने दिल्ली में शिक्षा का हाल बहुत खराब होने का आरोप लगाते हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली में एक नवोदय विद्यालय खोले जाने का अनुरोध सरकार से किया।
इसी पार्टी के अनुराग शर्मा ने बुंदेलखंड में पानी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि क्षेत्र में बांधों से गाद और मिट्टी निकालकर किसानों को दी जाए और इससे बांधों की जलग्रहण की क्षमता भी बढ़ सकेगी।
उन्होंने क्षेत्र में सैकड़ों प्राचीन बाबड़ियों के सौंदर्यीकरण के लिए धन दिये जाने का भी अनुरोध केंद्र सरकार से किया।
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