बेंगलुरु, तीन जुलाई कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘सर्वाधिक अनुशासनहीन’ पार्टी करार देते हुए सोमवार को कहा कि राज्य विधानसभा में अभी तक भाजपा द्वारा नेता प्रतिपक्ष मनोनीत नहीं किया जाना उस संगठन में गुटबंदी को दर्शाता है।
सिद्धरमैया ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उनमें (भाजपा में) गुटबंदी है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा खुद को सर्वाधिक अनुशासित पार्टी कहती है, लेकिन यह ‘सर्वाधिक अनुशासनहीन पार्टी’ है।
कर्नाटक विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो गया, लेकिन भाजपा ने सदन में नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया है।
भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने नेता प्रतिपक्ष चुनने के लिए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया तथा पार्टी महासचिव विनोद तावडे को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने कहा कि दोनों केंद्रीय नेता राज्य विधानसभा में पार्टी विधायकों द्वारा नेता प्रतिपक्ष के चुनाव की निगरानी के लिए प्रदेश का दौरा करेंगे।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से शिकस्त खाने के बाद भाजपा ने सदन में नेता प्रतिपक्ष का चयन अभी तक नहीं किया है और पार्टी के केंद्रीय नेता अपने विकल्प तलाश रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई इस पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार हैं, लेकिन पार्टी को यह निर्णय करना है कि राज्य में जातीय संतुलन को बनाये रखने के लिए क्या भाजपा पुराने नेता (बोम्मई) पर भरोसा जताएगी या नये नेतृत्व को मौका देगी।
विधानसभा की 224 सीट के लिए मई में हुए चुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 135 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि भाजपा को 66 और जनता दल (सेक्युलर) को 19 सीट मिलीं।
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