देश की खबरें | मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे भाजपा नेता और कार्यकर्ता हिरासत में

रायपुर, 28 सितंबर छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन की कथित घटनाओं के विरोध में राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकारी निवास का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन में शामिल कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी ने अपने तीन कार्यकर्ताओं को भी रिहा करने की मांग की है, जिन्हें हाल ही में एक थाने में पादरी (ईसाई धर्म प्रचारक) के साथ कथित मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले भाजपा नेता और रायपुर लोकसभा सीट से सांसद सुनील सोनी, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत सहित वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को राजधानी में कई स्थानों पर पुलिस ने रोका।

रायपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) तारकेश्वर पटेल ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को शहर के सप्रे स्कूल मैदान के सामने रोका गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर भाजपा नेताओं समेत करीब सात सौ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

वहीं, विपक्षी दल ने दावा है कि रायपुर में लगभग आठ हजार भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और गिरफ्तारी दी।

भाजपा के रायपुर जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा, ‘‘धर्मांतरण करने वालों की गिरफ्तारी और शिकायत करने वालों की रिहाई की मांग को लेकर भाजपा के 16 मंडलों के नेताओं के नेतृत्व में आठ हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर गिरफ्तारी दी है।’’

सुंदरानी ने कहा कि इस महीने शहर के भाठागांव इलाके में धर्म परिवर्तन की शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में शिकायतकर्ताओं में से तीन भाजपा कार्यकर्ता जब अपनी बात लेकर थाने पहुंचे तो उन्हें ही सलाखों के पीछे डाल दिया गया।

वहीं विधायक और वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि संविधान को जलाने की बात कहने वाले लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने के बजाय सरकार उनको बचा रही है।

राज्य के पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि सरकार धर्मांतरण करने वालों को खुलेआम संरक्षण देकर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत कोई अपना धर्म माने हमें आपत्ति नहीं, लेकिन लोभ, प्रलोभन और भय दिखाकर कोई धर्मांतरण करेगा तो हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। इन देश विरोधी ताकतों के खिलाफ जब तक यह सरकार नहीं जागेगी हम आंदोलन करते रहेंगे।

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