भोपाल, 28 दिसंबर मध्य प्रदेश में घर में बड़े जश्न के आयोजन के दौरान शराब पीने-पिलाने के लिए 500 रूपये में परमिट जारी किए जाने के नियम को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को राज्य सरकार पर तंज कसा और कहा कि भाजपा राज्य में ‘हर घर को बार बनाना चाहती है।’
हालांकि, मध्यप्रदेश के गृह मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि यह नियम नया नहीं है और राज्य में कांग्रेस नीत सरकार के दौरान भी यही नियम था।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने बुधवार को आरोप लगाया कि ‘‘राज्य सरकार 500 रुपये के शुल्क पर घरों में पार्टियों के दौरान शराब पीने का परमिट जारी कर युवाओं को शराब पीने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और उन्हें नौकरी देने में विफल रही है। सत्तारूढ़ भाजपा बेरोजगारी से युवाओं का ध्यान हटाने के लिए उन्हें बर्बाद करने जा रही है।’’
गौरतलब है कि सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया था, ‘‘शिवराज की पियो और पड़े रहो योजना, - मुख्यमंत्री शिवराज (सिंह चौहान) की “पियो और पड़े रहो योजना” को अब “हर घर दारू, घर घर दारू” योजना का साथ मिल गया है। अब आप केवल 500 रूपये में घर को बार बनाने का लायसेंस ले सकेंगे। शिवराज जी, घर-बार बचा नहीं, अब घर को बार और बनवा दो।’’
कांग्रेस के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री मिश्रा ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा था, ‘‘मध्यप्रदेश में आबकारी नीति को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही है। भाजपा सरकार में नियमों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। कांग्रेस के जमाने में बनी पुरानी नीति के तहत ही प्रदेश में शराब बिक रही है।’’
वहीं, मध्यप्रदेश आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दशकों पहले शराब नीति बनने के बाद से घर पर शराब की अधिकतम चार भरी बोतलें रखने का नियम है।
अधिकारी ने बताया कि इसी तरह यह नियम भी शुरू से ही लागू था कि अगर किसी को घर पर जन्मदिन, शादी, ‘गेट-टुगेदर’ आदि समारोह के लिए चार शराब की बोतलों से अधिक की आवश्यकता होती है, तो उस व्यक्ति को आबकारी विभाग को शुल्क देकर परमिट लेना होगा, जो एक दिन के लिए वैध है।
उन्होंने कहा कि घरों में होने वाली पार्टियों में शराब का परमिट जारी करने के लिए और खुले स्थानों में होने वाली शादी आदि कार्यक्रमों में की जाने पार्टी में शराब का परमिट जारी करने के लिए अलग-अलग शुल्क तय है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम लोगों को इस नियम का उल्लंघन नहीं करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं... घरों में होने वाली पार्टियों में शराब का परमिट जारी करने के लिए कोई नया नियम नहीं बनाया गया है। यह तब से मौजूद है जब पहली बार आबकारी नीति बनाई गई थी।’’
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