नयी दिल्ली, 20 दिसंबर ओडिशा में बीजद विधायक के दिवंगत भाई से संबंधित एक सामाजिक कल्याण संगठन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई छापेमारी के बाद 82 लाख रुपये मूल्य की जमाराशि और शेयर जब्त कर लिये गये।
ईडी की यह छापेमारी बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन की जांच के सिलसिले में की गयी थी।
ईडी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि भारत एकीकृत सामाजिक कल्याण एजेंसी (बीआईएसडब्ल्यूए) के खिलाफ जांच के सिलसिले में 18 दिसंबर को ओडिशा (संबलपुर) और दिल्ली में चार स्थानों पर छापेमारी की गई। बीआईएसडब्ल्यूए का संचालन दिवंगत खिरोद चंद्र मलिक करते थे।
खिरोद चंद्र मलिक पूर्व मंत्री और बीजू जनता दल (बीजद) की विधायक प्रमिला मलिक के भाई हैं।
ओडिशा विधानसभा में बिंझारपुर निर्वाचन क्षेत्र (जाजपुर जिला) का प्रतिनिधित्व करने वाली 61 वर्षीय प्रमिला मलिक की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। प्रमिला मलिक ने नवीन पटनायक सरकार में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री के रूप में कार्य किया है।
ईडी ने बयान में कहा, ‘‘ बीआईएसडब्ल्यूए को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और संयुक्त देयता फर्मों को वित्तपोषित करने की आड़ में चलाया जा रहा था।’’
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, यह समूह 200 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक ऋण धोखाधड़ी में भी शामिल था।
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