चंडीगढ़, 19 फरवरी केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर चंडीगढ़ के कुछ पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
बिट्टू ने अपने सुरक्षाकर्मियों और चंडीगढ़ पुलिसकर्मियों के बीच गरमागरम बहस और हाथापाई के बाद आरोप लगाए।
यह घटना उस समय हुई जब बिट्टू को यहां मान के सरकारी आवास पर उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई और वह लौट रहे थे।
केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बिट्टू अपने दो समर्थकों के खिलाफ दर्ज मामलों के सिलसिले में मान से मिलने उनके आवास पर गए थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
उनके करीबी सहयोगी राजीव राजा के खिलाफ जबरन वसूली का मामला तथा उनके पटियाला स्थित समर्थक राजीव अत्रि के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने दूसरे द्वार से भी प्रवेश करने का प्रयास किया लेकिन उन्हें दोबारा प्रवेश नहीं दिया गया।
बिट्टू के सुरक्षा कर्मियों और चंडीगढ़ पुलिसकर्मियों के बीच गरमागरम बहस हुई, जिसमें बिट्टू ने पुलिसकर्मियों पर उनके वाहन का रास्ता रोकने का आरोप लगाया।
आरोप है कि चंडीगढ़ के एक पुलिसकर्मी ने बिट्टू के सुरक्षाकर्मी को वाहन से बाहर खींचने का प्रयास किया।
वाहन चला रहे सुरक्षाकर्मी ने चंडीगढ़ पुलिसकर्मी पर पलटवार करते हुए कहा, "यदि वीआईपी के साथ कुछ भी अप्रिय होता है, तो आप जिम्मेदार होंगे। केंद्र ने उन्हें सुरक्षा दी है, हमें गृह मंत्रालय (एमएचए) ने भेजा है।"
बाद में, चंडीगढ़ के कुछ पुलिस अधिकारी बिट्टू से कहते नजर आए कि वह सार्वजनिक स्थान पर हैं, बिट्टू की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है और वे केवल यह सुनिश्चित करने के लिए वहां हैं कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
केंद्रीय मंत्री ने चंडीगढ़ पुलिस पर उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।
जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के आवास के पास सुरक्षा चूक के बारे में पूछा तो बिट्टू ने कहा, "क्या कोई मंत्री सुरक्षा चूक कर सकता है?"
बाद में बिट्टू ने चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर कुछ पुलिस अधिकारियों पर उनके और उनके सुरक्षा कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायत की और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
अपने पत्र में बिट्टू ने उस घटना पर गहरी चिंता और व्यथा व्यक्त की है जो उस समय घटी जब वह मुख्यमंत्री आवास पर गए थे।
उन्होंने दावा किया, “मैं मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर अकेला गया था, लेकिन उनके आवास के बाहर मौजूद चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों के व्यवहार से मैं स्तब्ध और निराश हो गया। केंद्रीय मंत्री के रूप में मेरी पहचान जानने के बावजूद, उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया, मौखिक और शारीरिक दुर्व्यवहार किया।"
बिट्टू ने दावा किया कि पुलिस उपाधीक्षक उदय पाल सिंह, दो सहायक उपनिरीक्षकों और तीन कांस्टेबलों ने "मेरे साथ मौखिक और शारीरिक दुर्व्यवहार किया।"
उन्होंने कहा, “इस तरह का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि शर्मनाक भी है। हमारे बीच हुई बहस के बाद, मैं जाने के लिए अपनी गाड़ी में बैठा, लेकिन डीएसपी उदय पाल और उनकी टीम ने अपनी गाड़ियों से मेरा रास्ता रोककर मेरे काफिले को रोक दिया।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “चंडीगढ़ पुलिस की इस संदिग्ध कार्रवाई से मेरी सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो गए, क्योंकि वे मेरी जेड प्लस सुरक्षा का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे थे। चंडीगढ़ पुलिस की टीम मेरे सुरक्षा अधिकारियों के साथ हाथापाई करने की हद तक चली गई।"
उन्होंने सबूत के तौर पर वीडियो भेजने की भी बात कही। बिट्टू ने कहा कि डीएसपी उदयपाल सिंह व उनकी टीम के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
इससे पहले बिट्टू ने उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा और उन पर उनसे मिलने से बचने का आरोप लगाया।
बिट्टू ने मान के घर के पास यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपनी पार्टी के समर्थकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के बारे में जांच-पड़ताल की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने आए थे।
बिट्टू ने मान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री कहा करते थे कि मेरे दरवाजे सबके लिए खुले हैं। फिर आज दरवाजे क्यों बंद हैं। वह एक मंत्री से डरे हुए हैं। वह मुझसे मिलने से बच रहे हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY