देश की खबरें | भारत की ‘अपराध राजधानी’ बन गया है बिहार: राहुल गांधी

राजगीर/गयाजी (बिहार), छह जून कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की शुक्रवार को आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रदेश ‘भारत की अपराध राजधानी’ बन गया है।

नालंदा के राजगीर में ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सैन्य संघर्ष के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर मोदी ने ‘‘चुप्पी साधे रखी’’।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘बिहार, जिसे कभी शांति और न्याय की भूमि माना जाता था, अब भारत की अपराध राजधानी बन गया है।’’

गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की आशंका है कि क्या केंद्र ऐसे में जाति जनगणना ठीक से करा पाएगा, जबकि ‘प्रश्नावली को अंतिम रूप देने वालों में ओबीसी, दलित या आदिवासी समुदायों का कोई भी अधिकारी नहीं है।’

गांधी ने कहा, ‘‘मोदी सरकार कभी भी असली जाति जनगणना नहीं कराएगी, क्योंकि जिस दिन असली जाति जनगणना करा देंगे, उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। जाति जनगणना के दो मॉडल हैं- एक भाजपा मॉडल और दूसरा तेलंगाना मॉडल। भाजपा मॉडल में अधिकारी बंद कमरे में सवाल तय करेंगे। अधिकारियों के चुने हुए समूह में ओबीसी, दलित या आदिवासी समुदाय का कोई अधिकारी नहीं है।’’

तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं संविधान को बचाने और देश की समग्र बेहतरी के लिए जाति जनगणना के लिए लड़ रहा हूं... भविष्य में हम जब भी सरकार बनाएंगे, हम आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटा देंगे। इसकी शुरुआत बिहार से होगी।’’

गांधी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री हर भाषण में कहते थे: ‘मैं ओबीसी से हूं।’ फिर जाति आधारित गणना पर वह कहते हैं कि भारत में कोई जाति नहीं है।’’

कांग्रेस नेता ने आश्चर्य व्यक्त किया कि यदि देश में कोई जाति है ही नहीं तो नरेन्द्र मोदी ओबीसी कैसे हो गये।

भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष पर लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘ट्रंप की तरफ से एक फोन कॉल आया और नरेन्द्र मोदी जी ने तुरंत आत्मसमर्पण कर दिया। ट्रंप ने खुद कम से कम 11 बार सार्वजनिक रूप से इस बारे में (शांति स्थापित कराने के बारे में) कहा है। लेकिन, प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप हैं। मुझे पता है कि उनके पास इस पर कहने के लिए कुछ नहीं है।’’

इससे पहले, गांधी गयाजी शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर गेहलौर में दशरथ मांझी स्मारक पर गये।

मांझी ने केवल एक हथौड़े और छेनी का इस्तेमाल करके पहाड़ियों के बीच से 360 फुट लंबा और 30 फुट चौड़ा रास्ता बना दिया था। बाइस वर्षों के काम के बाद, उन्होंने अकेले ही अपने गांव और वजीरगंज (जहां निकटतम अस्पताल स्थित है) के बीच की दूरी 55 किलोमीटर से घटाकर 15 किलोमीटर कर दी। उन्होंने 1960 में अपनी घायल पत्नी की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो जाने के बाद सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया था।

रायबरेली के सांसद ने गेहलौर गांव में मांझी के परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की।

हाल में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए मांझी के बेटे भगीरथ ने शुक्रवार को खुलासा किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का टिकट चाहते हैं।

गांधी के गेहलौर दौरे से पहले भगीरथ ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बात की।

उन्होंने कहा, ‘‘आप हमारे घर को देख सकते हैं। हमारे पास अभी भी पक्का घर नहीं है। पहली बात जो मैं राहुल गांधी से अनुरोध करना चाहूंगा, वह यह है कि हमें एक पक्का मकान मुहैया कराया जाए।’’

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