नयी दिल्ली, 29 जुलाई दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 15,933 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।यह बड़ा घाटा मुख्यत: सांविधिक बकाये के लिए प्रावधान की वजह से है।
इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 2,866 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
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तिमाही के दौरान दूरसंचार कंपनी की आय 15.4 प्रतिशत बढ़कर 23,939 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
एयरटेल ने बयान में कहा कि आकस्मिक खर्च को हटा दिया जाए, तो इसे पहली तिमाही में 436 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ है। इसको जोड़ने के बाद उसका एकीकृत शुद्ध घाटा 15,933 करोड़ रुपये बैठता है।
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कंपनी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के भुगतान की अवधि पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। कंपनी ने कहा कि इसी के मद्देनजर उसने तिमाही के दौरान 10,744.4 करोड़ रुपये का बढ़ा हुआ प्रावधान किया है।
बयान में कहा गया कि दूरसंचार विभाग की मांग तथा जिस अवधि के लिए मांग अभी नहीं मिली है, को देखते हुए प्रावधान की गणना लाइसेंस करार, न्यायालय के फैसले तथा एजीआर प्रावधान पर दिशानिर्देशों-स्पष्टीकरण के हिसाब से की गई है। इसे आकस्मिक मद में दिखाया गया है।
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