देश की खबरें | ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का समापन, कई विपक्षी दलों ने राहुल को ‘आशा की किरण’ बताया

श्रीनगर, 30 जनवरी कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का करीब पांच महीनों के बाद सोमवार को श्रीनगर में समापन हो गया और इस मौके पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, द्रमुक और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनमें देश के लिए ‘आशा की किरण’ नजर आती है।

दूसरी तरफ, कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी वाली रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि उनकी इस यात्रा का मकसद भारत के उदार और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बचाना है। उन्होंने दावा किया कि देश के उदार और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के हमले का सामना कर पड़ रहा है।

उन्होंने, "मैंने यह यात्रा अपने लिए या कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि देश की जनता के लिए की है। हमारा मकसद उस विचारधारा के खिलाफ खड़ा होना है, जो इस देश की नींव को ही नष्ट करना चाहती है।"

श्रीनगर के प्रसिद्ध ‘शेर-ए-कश्मीर’ स्टेडियम में कांग्रेस विपक्षी एकजुटता का व्यापक संदेश देने की कोशिश में थी, लेकिन उसे भीषण बर्फबारी और कुछ प्रमुख दलों के पहले ही दूरी बना लेने के कारण झटका लगा।

हाड़ कंपाने वाली सर्दी और चारों तरफ फैली बर्फ की चादर के बीच सजे कांग्रेस के मंच पर नौ विपक्षी दलों के नेता मौजूद रहे।

इस रैली में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के डी राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के मिथिलेश कुमार, द्रमुक के तिरुची शिवा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के कानी एन नवास, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन प्रेमचंद्रन, वीसीके के थिरुमावलवन और बहुजन समाज पार्टी के सांसद श्याम सिंह यादव शामिल हुए। यादव ने दिल्ली में राहुल गांधी के साथ पदयात्रा भी की थी।

कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल समेत 20 से अधिक राजनीतिक दलों को न्योता दिया था, लेकिन कई प्रमुख दलों के नेता नजर नहीं आए। कुछ दलों ने पहले ही अपनी असमर्थता जता दी थी।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि श्रीनगर में सोमवार को भारी बर्फबारी होने के कारण कुछ दलों के नेता पहुंच नहीं सके।

रैली से पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यहां ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के शिविर स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और फिर अपनी बहन एवं पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ मजेदार ‘स्नोबॉल फाइट’ (एक-दूसरे पर बर्फ के गोले फेंकना) की।

शिविर स्थल पर ध्वजारोहण के बाद राहुल और प्रियंका मौलाना आजाद रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंचे, जहां पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने बड़ी संख्या में मौजूद नेताओं और समर्थकों के बीच तिरंगा फहराया। इसके बाद, वहां राष्ट्रगान बजाया गया।

स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। लाल चौक पर लगातार दूसरे दिन वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी।

रैली के दौरान राहुल गांधी फेरन पहने नजर आए। फेरन पारंपरिक रूप से कश्मीरियों द्वारा पहना जाने वाला गले से पैर तक लंबा परिधान होता है। सुबह के समय उन्हें अपनी ट्रेडमार्क सफेद रंग की टी-शर्ट पर बिना बाजू की जैकेट पहने हुए देखा गया।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर राहुल गांधी की जमकर सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘महात्मा गांधी जी ने कहा था कि मुझे जम्मू-कश्मीर से आशा की किरण नजर आती है। आज पूरे मुल्क को राहुल गांधी से उम्मीद की किरण नजर आ रही है।’’

कांग्रेस की ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ 4,080 किलोमीटर के सफर के बाद 30 जनवरी को श्रीनगर में संपन्न हुई। गत सात सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई यात्रा 12 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशें से होकर गुजरी।

राहुल गांधी समेत 130 से अधिक ‘भारत यात्रियों’ ने इस यात्रा में कन्याकुमारी से कश्मीर तक पदयात्रा की।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)