कोलकाता, दो जुलाई पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को होने वाले पंचायत चुनावों से पहले हुई हिंसक झड़पों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई और सत्तारूढ़ पार्टी तथा विपक्षी दलों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की पहचान जियारुल मुल्ला (52) के रूप में हुई है, जिसे शनिवार रात घर लौटते वक्त दक्षिण 24 परगना जिले के फुलमलांचा इलाके में गोली मार दी गई।
जियारुल को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक स्थानीय नेता ने दावा किया कि मुल्ला, तृणमूल कांग्रेस नेता अमरुल लस्कर का करीबी सहयोगी था, जो सत्तारूढ़ दल के अंदर बगावत का सामना कर रहे हैं।
कथाल्बेरिया ग्राम पंचायत से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार, मानवरा ने आरोप लगाया कि उसके पिता (जियारुल) ने एक विरोधी गुट से अक्सर धमकी मिलने की पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन कानून प्रवर्तकों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मानवरा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं पहली बार चुनाव लड़ रही हूं। मेरी उम्मीदवारी को पार्टी के दूसरे गुट द्वारा भी पसंद नहीं किया जा रहा है। मैं घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग करती हूं।’’
तृणमूल के स्थानीय विधायक सौकत मुल्ला ने कहा कि पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए और घटना के लिए चाहे जो भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस के मुताबिक, पंचायत चुनावों के लिए नौ जून को नामांकन दाखिल करना शुरू होने के बाद से झड़पों में राज्य में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है।
पुलिस ने बताया कि इस बीच, रविवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और आईएसएफ के समर्थकों की तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के साथ हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 10 लोग घायल हुए हैं।
घटना चंद्रकोना के कृष्णापुर इलाके में हुई, जहां रविवार सुबह तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे लगाने की कोशिश की और विपक्षी दलों से प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किये गये हैं। हालांकि, पुलिस ने झड़पों के बाद हिरासत में लिए गये या गिरफ्तार किये गये लोगों की संख्या नहीं बताई है।
वहीं एक अन्य घटना में, चल्ताबेरिया ग्राम पंचायत से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार इब्राहिम मुल्ला पर कथित रूप से आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने चाकू से हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, घटना उस वक्त हुई, जब इब्राहिम चुनाव प्रचार कर बीती रात दक्षिण 24 परगना में भंगार इलाका स्थित अपने घर लौट रहे थे।
तृणमूल नेता सौकत मुल्ला ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे आईएसएफ के भंगार विधायक नौशाद सिद्दकी का हाथ है, जो इलाके में आतंक का राज स्थापित करना चाहता है।
सिद्दिकी ने हालांकि, आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर गांवों में आईएसएफ कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
राज्य में आठ जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए मतदान होना है। इसके तहत जिला परिषदें, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के करीब 74,000 सदस्य चुने जाएंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY