देश की खबरें | बंगाल : एनआईए की अदालत ने जाली मुद्रा जब्ती मामले में एक अन्य आरोपी को कैद की सजा सुनाई

नयी दिल्ली, 27 फरवरी पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने चार वर्ष पूर्व राज्य में नकली भारतीय मुद्रा की जब्ती से संबंधित एक मामले में एक अन्य आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इसके साथ ही मामले में दोषियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले अकरमुल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत अकरमुल को सात वर्ष के कठोर कारावास की भी सजा सुनाई गयी और उसके ऊपर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

अधिकारी ने बताया कि कोलकाता में विशेष एनआईए अदालत ने अकरमुल को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

कोलकाता के लालबाजार मार्ग थाने के विशेष कार्य बल की एक टीम ने भारी संख्या में 500 रुपये के नोट जब्त किये थे, जिसके बाद 22 जनवरी, 2020 को अकरमुल और सेनाउल शेख उर्फ ​​सेनौल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

सेनाउल से पूछताछ के बाद एक फरवरी, 2020 को तीसरे आरोपी एनामुल हक को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो हजार रुपये और 500 रुपये के नकली नोट जब्त किये गये थे।

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