देश की खबरें | पहले चरण के मतदान के लिये तैयार बंगाल और असम, मुख्यमंत्री सोनोवाल की किस्मत का होगा फैसला

कोलकाता/गुवाहाटी, 26 मार्च पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए शनिवार को मतदान किया जाएगा, जिसमें कई प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है।

दोनों राज्यों में पहले चरण में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 1.54 करोड़ से अधिक है।

पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा है, जिनमें से अधिकतर सीटें एक समय नक्सल प्रभावित रहे जंगलमहल इलाके में आती हैं। ऐसे में सबकी निगाहें इस क्षेत्र में होने वाले मतदान पर टिकी हैं।

भाजपा जंगलमहल क्षेत्र से अच्छी उम्मीद लगाए बैठी है। साल 2019 में हुए आम चुनाव में इस क्षेत्र की अधिकतर सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी।

अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्र में मतदान के लिये सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गए हैं। चुनाव आयोग यहां केन्द्रीय बलों की लगभग 684 कंपनियों को तैनात कर रहा है, जिनके पास 10,288 मतदान केन्द्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होगी।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा महत्वपूर्ण स्थानों पर राज्य की पुलिस को भी तैनात किया जाएगा।

पहले चरण में पुरुलिया की नौ, बांकुड़ा की चार, झाड़ग्राम की चार, पश्चिमी मेदिनीपुर की छह सीटों के अलावा पूर्वी मेदिनीपुर की अति महत्वपूर्ण सात सीटों पर मतदान होगा, जो भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है। मतदान के दौरान कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है।

इन 30 सीटों में से टीएमसी तथा भाजपा ने 29-29 सीटों पर जबकि वाम-कांग्रेस-आईएसएफ गठबंधन ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

टीएमसी पुरुलिया की जॉयपुर सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन कर रही है क्योंकि चुनाव आयोग ने खामियों के चलते उसके उम्मीदवार उज्जवल कुमार का नामांकन रद्द कर दिया था।

भाजपा ने बागमंडी सीट झारखंड में अपने गठबंधन सहयोगी एजेएसयू के लिये छोड़ी है।

अधिकारियों ने कहा कि झाड़ग्राम में प्रत्येक मतदान केन्द्र पर 11 अर्धसैनिक कर्मियों को तैनात किया जाएगा। राज्य में अब तक हुए किसी भी चुनाव में एक मतदान केन्द्र पर पहली बार इतने सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि अन्य जिलों में प्रत्येक मतदान केन्द्र पर औसतन छह सुरक्षाकर्मी तैनात किया जाएंगे।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने 'पीटीआई-' को बताया, ''झाड़ग्राम के सभी 1,307 मतदान केन्द्रों को वाम चरमपंथ प्रभावित घोषित किया गया है। हमने मतदान केन्द्रों की निगरानी के लिये ही केन्द्रीय बलों की 127 कंपनियां तैनात करने का निर्णय लिया है।''

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