नयी दिल्ली, 25 जुलाई सरकार ने मंगलवार को कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लक्षित लाभार्थियों के अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में खर्च में कमी आई है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पिछले दो साल में 3.14 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जिन लाभार्थियों को सहायता दी गयी उनमें सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश की है और सबसे कम लक्षद्वीप में है।
बघेल ने कहा कि गुजरात में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को राज्य की मुख्यमंत्री अमृतम् को मिलाकर लागू किया जा रहा है। उन्होंने गुजरात में 19 जुलाई 2023 तक 8,564 करोड़ रूपये के खर्च से 41.34 लाभार्थियों के अस्पताल में भर्ती होने को मंजूरी दी गयी है।
उन्होंने बताया कि 2022-23 के लिए केंद्र के हिस्से के 6048 करोड़ रूपये राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में इस योजना को लागू करने के लिए जारी किए गए।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विश्व की सार्वजनिक कोष से चलायी जाने वाली सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना का लक्ष्य 12 करोड़ परिवारों को अस्पताल में भर्ती कराये जाने की स्थिति में पांच लाख रूपये तक प्रति परिवार सहायता मुहैया कराना है।
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