जरुरी जानकारी | बैंक अधिकारी संगठन की कोविड-19 टीकाकरण में बैंक कर्मचारियों को भी प्राथमिकता देने की मांग

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर बैंक अधिकारियों के चारों संगठनों ने सरकार से कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम में बैंक कर्मचारियों को भी कोरोना योद्धा के तौर पर शामिल करने की मांग की है, ताकि उनके टीकाकरण को प्राथमिकता मिल सके क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था के पहिये को लगातार चलाते रहने में उनका अहम योगदान है।

इस संबंध में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडेरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) ने संयुक्त तौर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है।

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वित्त मंत्री को लिखे पत्र में संगठनों ने कहा कि सरकार को भारत बायोटेक के कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कोविशील्ड जैसे दो कोविड-19 टीके जनवरी 2021 तक उपलब्ध हो जाने की उम्मीद है। सरकार की योजना सबसे पहले कोरोना योद्धा के तौर पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, स्वच्छता कर्मियों को टीका लगाने की है।

संयुक्त पत्र में संगठनों ने कहा कि बैंककर्मी भी लॉकडाउन की घोषणा के बाद से अब तक लगातार सेवाएं दे रहे हैं। जोखिम के समय में भी देश की अर्थव्यवस्था के पहिये को चलाते रहने में उन्होंने अहम भूमिका अदा की है। बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों के कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद उन्होंने अपनी सेवाओं को जारी रखा है। इसलिये बैंक कर्मियों को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आगे रहकर काम करने वालों के साथ शामिल किया जाना चाहिये और उनका भी अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं के साथ टीकारण किया जाना चाहिये।

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संगठनों ने कहा, ‘‘ उनके इस अहम योगदान को देखते हुए हमारा सरकार से आग्रह है कि बैंक कर्मचारियों को भी कोरोना योद्धा के तौर पर शामिल करके टीकाकरण में उन्हें प्राथमिकता दी जाए।’’

फाइजर इंक, एस्ट्राजेनेका पीएलसी और भारत बायोटेक ने अपने-अपने कोरोना वायरस टीके के आकस्मिक उपयोग की अनुमति के लिए आवेदन किया है। फाइजर इंडिया ने भारत के दवा नियामक से उसकी एमआरएनए टीके के भारत में बिक्री और वितरण के लिये आयात की अनुमति मांगी है। उसने इस टीके के स्थानीय स्तर पर चिकित्सीय परीक्षण की आवश्यकता को दरकिनार करते हुये सीधे टीके की बिक्री और वितरण की अनुमति मांगी है। दूसरी तरफ एस्ट्रा जेनेका के भारत में टीके में भागीदार सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया लिमिटेड ने तीसरे चरण के परीक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर टीके के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दिये जाने के लिये आवेदन किया है। इस टीके के भारत में परीक्षण किये जाने के साथ ही ब्राजील और ब्रिटेन में भी परीक्षण किया गया है।

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने उसके द्वारा विकसित टीके ‘कोवेक्सिन’ के आपात इस्तेमाल के लिये भी अनुमति मांगी है। भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर अपना टीका विकसित किया है।

इन आवेदनों के बाद यह माना जा रहा है कि देश में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस से बचाव के लिये टीकाकारण की शुरुआत जल्द ही होने वाली है। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। हालांकि, इससे ठीक होने वालों की संख्या सबसे अधिक है।

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