ढाका, दो अगस्त बांग्लादेश की अदालत ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में बुधवार को मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के ‘भगोड़े’ कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान को नौ साल और उनकी पत्नी को तीन साल की कैद की सज़ा सुनाई।
ढाका मेट्रोपोलिटन वरिष्ठ विशेष न्यायाधीश मोहम्मद असद-उज़-ज़मा ने दंपती की गैर हाज़िरी में यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा, “अदालत ने उन्हें अवैध संपत्ति अर्जित करने और संपत्ति की जानकारी छिपाने का दोषी पाया है।”
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे रहमान पर तीन करोड़ टका का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर 55 वर्षीय नेता को अतिरिक्त तीन महीने कैद की सजा काटनी होगी।
रहमान की पत्नी जुबैदा को दो आरोपों में तीन साल जेल की सजा सुनाई गई, जबकि 45 लाख टका का जुर्माना लगाया गया। अगर वह जुर्माना अदा करने में विफल रहती हैं तो उन्हें एक महीने और जेल में रहना होगा। रहमान और जुबैदा 2008 से लंदन में रह रहे हैं।
ढाका के पुराने हिस्से में स्थित अदालत परिसर में पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया था और अदालत परिसर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, जहां बीएनपी समर्थक वकीलों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
बीएनपी कार्यकर्ताओं ने मध्य ढाका में अपने नया पलटन कार्यालय के बाहर विरोध मार्च निकाला। उन्होंने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय के सामने एक विरोध रैली करने की भी घोषणा की।
इससे पहले, अदालत ने दंपती को "भगोड़ा" घोषित कर दिया था क्योंकि वे व्यक्तिगत रूप से मुकदमे की सुनवाई में हिस्सा लेने के लिए पेश नहीं हुए थे। उनका बचाव राज्य द्वारा नियुक्त वकीलों ने किया क्योंकि कानून के तहत उन्होंने अपना बचाव करने के लिए अपनी पसंद के वकील को नियुक्त करने का मौका खो दिया था।
भ्रष्टाचार रोधी आयोग (एसीसी) ने 2007 में दंपती के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जब देश में सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार थी।
रहमान पर अवैध रूप से 4.82 करोड़ टका से अधिक की संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार निकाय द्वारा मांगे गए अपने संपत्ति विवरण में 4.23 करोड़ टका से अधिक की संपत्ति के बारे में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था।
पेशे से डॉक्टर ज़ुबैदा पर अपने पति को यह साबित करने में मदद करने का आरोप लगाया गया था कि धन कानूनी तरीकों से अर्जित किया गया था।
इससे पहले, रहमान को 2004 में तत्कालीन विपक्षी अवामी लीग की एक रैली पर ग्रेनेड हमले के सिलसिले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाले इसी दल की अब देश में इसी पार्टी की सरकार है। रहमान को तीन अन्य मामलों में अलग-अलग अवधि की जेल की सज़ा सुनाई गई थी।
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