अहमदाबाद, 23 जुलाई मणिपुर में जातीय हिंसा को नियंत्रित करने में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के कथित तौर पर विफल रहने को लेकर रविवार को गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में बंद रखा गया।
जनजातीय बहुल 14 जिलों में से तापी, वलसाड, दाहोद, पंचमहाल, नर्मदा और छोटा उदयपुर में कई बाजार सुनसान नजर आए क्योंकि दुकानें बंद रहीं और विभिन्न संगठनों ने बंद के तहत धरना दिया।
विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आज बंद का आह्वान किया था, जिसका विपक्षी दल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) ने समर्थन किया।
आप के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक चैतर वसावा ने संवाददाताओं से कहा कि मणिपुर में हुई हिंसा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
वसावा ने कहा, ‘‘गुजरात के 14 जिलों के कुल 52 तालुकों में बंद सफल रहा। किसानों और धार्मिक संगठनों समेत कई व्यापारिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया। हमें उम्मीद है कि सरकार मणिपुर में हिंसा रोकने के लिए कदम उठाएगी।’’
मणिपुर में तीन मई को जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से राज्य में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
मणिपुर में एक समुदाय की दो महिलाओं को विरोधी समुदाय के लोगों के एक समूह द्वारा निर्वस्त्र कर घुमाने का एक वीडियो वायरल होने के बाद देश में व्यापक स्तर पर रोष जताया गया। यह घटना चार मई की है, जिसका वीडियो 19 जुलाई को सामने आया।
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