लखनऊ, 29 जून उत्तर प्रदेश में ईद उल अजहा (बकरीद) का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ बृहस्पतिवार को मनाया गया और मुस्लिमों ने सुबह मस्जिदों और ईदगाह में नमाज पढ़कर एक दूसरे को बधाई दी।
मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह की नमाज में शामिल हुए और एक दूसरे को बधाई दी। प्रदेश की राजधानी में लोगों ने टीले वाली मस्जिद, ऐशबाग ईदगाह और बड़ा इमामबाड़ा सहित अन्य जगहों पर नमाज पढ़ी। इसके बाद उन्होंने कुरबानी में शिरकत की और बधाई देने एक दूसरे के घर गए।
इसी तरह, प्रदेश के सभी जिलों में लोगों ने अपने धार्मिक स्थलों पर नमाज पढ़ी और एक दूसरे को बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं ने इस अवसर पर लोगों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी ट्वीट में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री ने ईद उल अजहा के अवसर पर लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईद उल अजहा का पर्व हर किसी को साथ रहने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देता है।’’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी अपने ट्वीट के जरिए लोगों को इस पर्व पर बधाई दी।
राज्य सरकार ने इस पर्व के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। डीजीपी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बुधवार को कहा था प्रदेश की 33,340 मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। इनमें से पुलिस ने 2213 स्थानों को संवेदनशील के तौर पर चिह्नित किया है जिसके लिए 2416 शांति समिति बैठकें की गईं।
उन्होंने कहा कि साफ सफाई और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, कूड़े के उचित निस्तारण की भी व्यवस्था की गई है। शरारती और असामाजिक तत्वों से उचित ढंग से निपटने की भी व्यवस्था की गई है और पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
इस पर्व के लिए व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान मंगलवार को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान पहले से निर्धारित किए जाने चाहिए और अन्यत्र कहीं भी कुर्बानी नहीं दी जानी चाहिए। हर जिले में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट के व्यवस्थित निस्तारण के लिए एक कार्य योजना होनी चाहिए।
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