बहुगुणा के 101वें जन्मदिवस पर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को किया गया याद
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नयी दिल्ली, 25 अप्रैल उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत हेमवती नंदन बहुगुणा के 101वें जन्मदिवस के अवसर पर विभिन्न नेताओं ने उन्हें याद करते हुए स्वतंत्रता संग्राम तथा देश निर्माण में उनके योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर हुई श्रद्धांजलि सभा में बहुगुणा की प्रतिमा संसद भवन के भीतर लगाये जाने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किया गया।

जननायक हेमवती नंदन बहुगुणा जन्म शताब्दी समारोह समिति की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, समिति द्वारा आयोजित अखिल भारतीय वीडियो कांफ्रेंसिंग श्रद्धांजलि सभा में पूर्व मंत्री व सांसद नील लोहित दास नाडर, उत्तराखंड में विपक्ष की नेता इंदिरा हृदयेश, उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय आदि ने उन्हें याद किया।

इस समिति के राष्ट्रीय समन्वयक धीरेन्द्र प्रताप ने बताया कि इस दौरान इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि बहुगुणा सिद्धांतों के धनी नेता और बहुत अच्छी पकड़ वाले प्रशासक थे।

पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने बाद में भेजे गए एक संदेश में कहा कि बहुगुणा सिद्धांतों के बहुत पक्के नेता थे और उन्हें हमेशा संघर्षों से जूझने और विजय हासिल करने का जज्बा था।

प्रताप ने कहा कि नाडर ने कहा कि केरल की राजधानी तिरूनंतपुरम में बहुगुणा शताब्दी समारोह का समापन होना था, जिसमें केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को हिस्सा लेना था। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की वजह से यह कार्यक्रम रोकना पड़ा, लेकिन यह रद्द नहीं हुआ है।

नाडर ने कहा कि जैसे ही कोविड-19 का खतरा समाप्त होगा केरल में दिवंगत बहुगुणा की जन्म शताब्दी समारोह का समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस मौके पर प्रताप द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव में हेमवती नंदन बहुगुणा के राष्ट्रीय कद और योगदान को देखते हुए उनकी एक आदम कद प्रतिमा दिल्ली में संसद भवन के भीतर तथा देहरादून और गैरसैण की विधानसभा में लगाए जाने की मांग की गयी। बाद में प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया।

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