नयी दिल्ली, 29 जुलाई देश के 75 स्कूलों की 750 छात्राओं द्वारा निर्मित उपग्रह ‘आजादीसैट’ का अगले महीने की शुरूआत में प्रक्षेपण होने वाला है। इसे लघु उपग्रह अंतरिक्ष यान (एसएसएलवी) के जरिये अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
इस उपग्रह का वजन आठ किलोग्राम है। इसमें अपने ही सोलर पैनल की तस्वीरें खींचने के लिए सेल्फी कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही, इसमें लंबी दूरी के संचार ट्रांसपोंडर भी है।
यह उपग्रह छह महीने तक सेवा देगा। यह उपग्रह आजादी का अमृत महोत्सव समारोहों का हिस्सा है।
भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्द्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने एक ट्वीट में कहा कि देश के 75 स्कूलों से 750 छात्राएं भारत के नये प्रक्षेपण यान एसएसएलवी की प्रथम उड़ान के प्रति उत्साहित हैं। यह रॉकेट उनके आजादीसैट को एक अन्य उपग्रह के साथ अंतरिक्ष में ले जाएगा।
उपग्रह को विकसित करने वाले स्पेस किड्स इंडिया में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी रीफत शाहरूख ने कहा, ‘‘ स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए यह अपनी तरह का पहला अंतरिक्ष अभियान है। दरअसल, इस साल की संयुक्त राष्ट्र की थीम ‘वुमन इन स्पेस’ है।’’
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 500 किग्रा से कम वजन के उपग्रहों को पृथ्वी की कम ऊंचाई वाली कक्षा में स्थापित करने के लिए एसएसएलवी को विकसित किया है।
इसरो के मुताबिक, एसएसलीवी रॉकेट का विनिर्माण मांग के एक हफ्ते के अंदर किया जा सकता है।
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