देश की खबरें | अयोध्या संग्रहालय में राम मंदिर आंदोलन की कानूनी, राजनीतिक यात्रा का विवरण भी होगा: नृपेंद्र मिश्रा

नयी दिल्ली, 27 सितंबर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि अयोध्या में सरयू तट पर स्थित अंतरराष्‍ट्रीय रामकथा संग्रहालय में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से ना सिर्फ खुदाई के दौरान मिली मूर्तियों व अवशेषों को दर्शाया जाएगा बल्कि इस आंदोलन की कानूनी, राजनीतिक और धार्मिक यात्रा का विवरण प्रस्तुत करने वाला एक विशेष प्रकोष्ठ भी बनाया जाएगा।

‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधान सचिव रहे मिश्रा ने बताया कि संग्रहालय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लीज पर मिल गया है और इसमें काम शुरू किया जा रहा है।

मिश्रा ने कहा, ‘‘कुछ चीजें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की खुदाई के दौरान मिलीं और कुछ मंदिर निर्माण कार्य के लिए की गई खुदाई के दौरान मिलीं। उन्हें बहुत ही सुरक्षित तरीके से... कुछ तो न्यायालय के आदेशों से सुरक्षित रखा गया है और कुछ ट्रस्ट के पास सुरक्षित रखा गया है।’’

उन्होंने कहा कि एएसआई से अनुमति लेकर इन सभी मूर्तियों व अवशेषों को संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘संग्रहालय में अलग-अलग प्रकोष्ठ होंगे। एक प्रकोष्ठ ऐसा होगा, जिसमें कौन-कौन सी चीजें खुदाई और निर्माण कार्य के दौरान मिलीं, उन्हें रखा जाएगा। एक दूसरा प्रकोष्ठ होगा, जिसमें 500 से भी अधिक वर्षों की उस लंबी कानूनी, राजनीतिक और धार्मिक यात्रा का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा जिसका पटाक्षेप 2019 में उच्चतम न्यायालय के फैसले से हुआ।’’

नवंबर 2019 में उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में फैसला देते हुए केंद्र सरकार को निर्देशित किया था कि वह तीन माह के भीतर मंदिर निर्माण के लिए एक न्यास की स्थापना करे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की घोषणा की। मिश्रा न्यास के सदस्य होने के साथ ही मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष भी हैं।

मिश्रा ने बताया कि संग्रहालय के एक प्रकोष्ठ में राम वन गमन व विभिन्न ओं की राम कथाओं का विवरण होगा और एक अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ में राम के अंतरराष्ट्रीय महत्व से जुड़ी गाथाओं को दर्शाया जाएगा।

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