Mumbai Child Missing-Kidnapping: मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से वायरल हो रहे बच्चों के अपहरण और लापता होने से जुड़े संदेशों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल गुमशुदा और अपहृत बच्चों के मामलों को लेकर गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं और जनता के बीच दहशत फैला रहे हैं. मुंबई पुलिस ने इन सभी दावों का पूरी तरह खंडन किया है और नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें.
सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक आंकड़े
पिछले 36 घंटों में मुंबई के विभिन्न इलाकों से दर्जनों बच्चों के लापता होने के मैसेज व्हाट्सएप और एक्स (X) पर तेजी से फैल रहे थे. इन संदेशों में दावा किया जा रहा था कि शहर में अपहरण करने वाला गिरोह सक्रिय है. मुंबई पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये आंकड़े वास्तविकता से कोसों दूर हैं. पुलिस के अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर पुराने या मनगढ़ंत डेटा का उपयोग करके सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. यह भी पढ़े: Mumbai Child Missing: मुंबई में मासूमों के लापता होने को लेकर पुलिस अलर्ट, 36 घंटे में 8 लड़कियों समेत 12 बच्चे लापता, शहरभर में तलाशी अभियान शुरू
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
"सोशल मीडिया पर बच्चों के लापता होने और अपहरण के बारे में कुछ हैंडल्स द्वारा भ्रामक डेटा और अफवाहें फैलाई जा रही हैं. हम इन दावों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं. जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने और जनता में दहशत पैदा करने वालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू है." — मुंबई पुलिस
क्या कहते हैं असल आंकड़े? (पृष्ठभूमि)
मुंबई पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में लापता हुए लगभग 98 प्रतिशत नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे के लापता होने की रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से 'अपहरण' (Kidnapping) की धाराओं में दर्ज किया जाता है, ताकि मामले की गंभीरता से जांच हो सके. यही कारण है कि आंकड़ों में 'अपहरण' के मामले अधिक दिखाई देते हैं, जबकि असल में इनमें से अधिकांश बच्चे कुछ ही घंटों या दिनों में घर वापस आ जाते हैं.
नागरिकों के लिए पुलिस की सलाह
पुलिस ने अभिभावकों और नागरिकों को सलाह दी है कि:
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किसी भी संदिग्ध मैसेज को बिना जांचे आगे (Forward) न भेजें.
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केवल आधिकारिक पुलिस हैंडल और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर ही भरोसा करें.
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यदि कोई बच्चा लापता होता है, तो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर 100/112 पर सूचित करें.













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