नयी दिल्ली, 12 दिसंबर सरकार द्वारा राज्यसभा में दी गयी जानकारी के अनुसार मालगाड़ियों की औसत गति कोविड काल से पहले 2019-20 के स्तर पर ही है जबकि यात्री ट्रेनों के मामले में औसत गति कुछ बेहतर हुई है।
एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा उच्च सदन से साझा किए गए आंकड़ों में यह बात सामने आयी है। उनसे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद वी शिवदासन ने पिछले पांच वर्ष में विभिन्न यात्री एवं मालगाड़ियों की औसत गति में बदलाव को लेकर सवाल किया था।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2019-20 में माल गाड़ियों की औसत गति 23.6 किलोमीटर प्रति घंटा थी जिसमें (नवंबर) 2023-24 तक कोई बदलाव नहीं आया।
इनके अनुसार मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति में मामूली बदलाव आया है और 2019-20 में जो गति 50.6 किमी प्रति घंटा थी वह 2023-24 में थोड़ा बढ़कर 51.1 किमी प्रति घंटा हो गयी।
इसी प्रकार साधारण ट्रेनों की औसत गति 33.1 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 33.5 किमी प्रति घंटा हो गयी।
सरकार ने बताया कि रेलवे के पास कोविड के कारण 2020-21 और 2022-23 का कोई आंकड़ा नहीं है।
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