जरुरी जानकारी | रबी सत्र के लिए बीजों की उपलब्धता जरूरत से 20.70 प्रतिशत अधिक: कृषि मंत्रालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. गेहूं जैसी फसल के लिए 2023-24 रबी (सर्दी) सत्र में बुवाई को बीजों की उपलब्धता 159.03 लाख क्विंटल या देश की जरूरत से 20.70 प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
नयी दिल्ली, 27 सितंबर गेहूं जैसी फसल के लिए 2023-24 रबी (सर्दी) सत्र में बुवाई को बीजों की उपलब्धता 159.03 लाख क्विंटल या देश की जरूरत से 20.70 प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
रबी सत्र 2023-24 के लिए कुल बीज की आवश्यकता 131.75 लाख क्विंटल होने का अनुमान है।
रबी फसलों की बुवाई अक्टूबर से शुरू होती है, जबकि कटाई मार्च/अप्रैल से होती है। गेहूं रबी की मुख्य फसल है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, गेहूं के बीज की उपलब्धता 123.43 लाख क्विंटल होने का अनुमान है, जबकि इस वर्ष के रबी सत्र के लिए 102.63 लाख क्विंटल गेहूं के बीज की आवश्यकता है।
रबी सत्र के लिए ज्वार की उपलब्धता 1.04 लाख क्विंटल होगी, जबकि आवश्यकता 74,000 क्विंटल की है।
रबी दलहन के मामले में, चने के बीज की उपलब्धता 25.04 लाख क्विंटल होगी, जबकि आवश्यकता 21.38 लाख क्विंटल की होगी। वहीं उड़द के बीज की आपूर्ति 1.49 लाख क्विंटल होगी, जबकि जरूरत 1.14 लाख क्विंटल की होगी।
इस वर्ष रबी सत्र के दौरान मसूर के बीज की उपलब्धता 2.88 लाख क्विंटल आंकी गई है, जबकि आवश्यकता 2.29 लाख क्विंटल की है, जबकि मूंग बीज की आपूर्ति 1.45 लाख क्विंटल होगी, जबकि आवश्यकता 94,000 क्विंटल की ही है।
जहां तक रैपसीड-सरसों के बीज का सवाल है, रबी सत्र के दौरान उपलब्धता 3.70 लाख क्विंटल बीज की होगी, जबकि आवश्यकता 2.63 लाख क्विंटल की ही है।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि मंत्रालय ने किसानों से रबी सत्र के दौरान जलवायु अनुकूल फसलें अपनाने को कहा है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने 800 से अधिक जलवायु प्रतिरोधी फसल किस्मों का विकास किया है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2023 07:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

