चेन्नई, 16 सितंबर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के एक विकसित देश बनने के लिए अगले 25 वर्षों को महत्वपूर्ण बताते हुए शनिवार को लेखा परीक्षकों (ऑडिटर) से प्रौद्योगिकी को अपनाने और छोटी कंपनियों को वृद्धि के लिए शिक्षित करने का अनुरोध किया।
सीतारमण ने यहां 'सोसाइटी ऑफ ऑडिटर्स' की 90वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश ने पिछले 20-25 वर्षों में कई स्तरों पर प्रगति की है और खुद विश्व बैंक ने भी कहा है कि भारत ने पिछले दशक में वह हासिल किया है जो वह 60 वर्षों में हासिल नहीं कर पाया था।
सीतारमण ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट की कार्यप्रणाली में विश्व स्तर पर बहुत बदलाव हो रहे हैं और इसका अहसास इन पेशेवरों को होने भी लगा है।
उन्होंने कहा, "जिस तरह से प्रौद्योगिकी चलन में आई है, मैं उसकी सराहना करती हूं। आप में से कई लोग इसे प्रसन्नता से अपना रहे हैं और यही कारण है कि अगले जुलाई से चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षाएं भी एक अलग प्रारूप में होने जा रही हैं।"
वित्त मंत्री ने कहा, "अगले 25 वर्षों में भारत के पास एक विकसित राष्ट्र बनने की 'संकीर्ण खिड़की' है और हममें से हरेक को अपने पेशे पर ध्यान केंद्रित करने के साथ देश की बेहतर सेवा करने के तरीकों पर भी ध्यान देना होगा।"
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