वायनाड (केरल), 25 जून वायनाड से सांसद राहुल गांधी के कार्यालय पर ‘स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया‘ (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर तोड़फोड़ किये जाने के विरोध में विपक्षी कांग्रेस ने शनिवार को कलपेट्टा में विशाल रैली निकाली और वाम छात्रों की यूनियन की ओर से किये गये हमले को लेकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को निशाना बनाया।
गांधी के स्थानीय सांसद कार्यालय को एसएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा निशाना बनाए जाने के एक दिन बाद सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए। कोट्टायम में पार्टी समर्थकों का विरोध मार्च हिंसक हो गया। एसएफआई के 19 सदस्यों को शुक्रवार की तोड़फोड़ के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
एआईसीसी महासचिव के सी वेणुगोपाल और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन सहित वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांसद कार्यालय परिसर से पिननगोड तक कई किलोमीटर लंबा पैदल मार्च किया।
हालांकि कुछ स्थानों पर रैली के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच मामूली हाथापाई की सूचना मिली, लेकिन किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
प्राप्त सूचना के अनुसार, कोट्टायम जिले में गांधी के कार्यालय पर हमले के विरोध में यूथ कांग्रेस द्वारा निकाला गया एक मार्च हिंसक हो जाने के कारण कई कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
कांग्रेस नेतृत्व ने आरोप लगाया कि मार्क्सवादी पार्टी के छात्र कार्यकर्ताओं ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार को खुश करने के लिए विजयन की जानकारी में संघ परिवार के एजेंडे के तहत वायनाड के सांसद के कार्यालय पर हमला किया।
अपने हमले को तेज करते हुए, विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज का एक निजी कर्मचारी- अविशिथ- सांसद कार्यालय में तोड़फोड़ करने में शामिल हमलावरों में से एक था, लेकिन मंत्री ने तुरंत इस आरोप को खारिज कर दिया कि वह अब उनका कर्मचारी नहीं है।
मंत्री ने कहा कि उसने (अविशिथ ने) इस माह के शुरू में ही व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर ड्यूटी छोड़ दी है।
इस बीच, केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी के कार्यालय पर हुए हमले के संबंध में सत्तारूढ़ माकपा की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के 19 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों की पहचान एसएफआई के स्थानीय कार्यकर्ताओं के रूप में हुई है और एक अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के लिये हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस ने बताया, ‘‘अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया है तथा आज और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले की जांच मनंतवाडी के पुलिस उपाधीक्षक कर रहे हैं और जल्द ही इसे एडीजीपी के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल को सौंप दिया जाएगा।''
गांधी के कार्यालय में तोड़फोड़ के कुछ घंटों बाद वाम सरकार ने शुक्रवार रात एडीजीपी रैंक के एक अधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराने का आदेश दिया था, जबकि कलपेट्टा के पुलिस उपाधीक्षक को निलंबित कर दिया।
इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गांधी के कार्यालय में तोड़फोड़ और हिंसा सत्तारूढ़ मार्क्सवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की जानकारी में की गई।
कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी सतीशन आज सुबह क्षतिग्रस्त कार्यालय पहुंचे और दावा किया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की जानकारी में यह सबकुछ किया गया।
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कड़े शब्दों में कहा कि यह भूमि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले विरोध प्रदर्शन का समर्थन करती है, लेकिन अगर हिंसा होती है, तो यह गलत है।
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