इन सैन्य शिविरों में कई देशों के सैनिक रह रहे हैं।
अभी तक इन हमलों की किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हमलों के तौर तरीकों से इनके पीछे जेहादी संगठन अलकायदा के होने की आशंका जतायी जा रही है।
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कीडाल के निवासी सुलेमान मोहम्मद अली ने कहा कि उसने सैन्य शिविर की ओर से दस से अधिक धमाकों की आवाज सुनी। इस शिविर में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक और ऑपरेशन बारखाने से जुड़े फ्रांसीसी सैनिक रह रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने तीनों शहरों पर हुए हमलों की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि सोमवार को कीडाल स्थित सैन्य शिविरों पर रॉकेट से हमले किये गए तथा गाओ और मेनाका में भी इसी प्रकार के हमले हुए।
उन्होंने नाम उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।
इससे अधिक जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है।
अभी तक किसी समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हमले के तरीकों को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि इसके पीछे जिहादी संगठन अलकायदा का हाथ हो सकता है।
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