नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने ओडिशा के मुख्य सचिव को समन जारी करके अपने समक्ष पेश होकर इस बारे में बताने के लिए कहा है कि जुलाई-अगस्त के दौरान क्योंझर जिले के दौरे पर गये आयोग के सदस्य अनंत नायक के खिलाफ हिंसा की घटना के मामले में क्या कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि आयोग ने ओडिशा सरकार की ‘निष्क्रियता, उपेक्षा और नाकामी’ को लेकर नाखुशी जताई है।
इसने मुख्य सचिव सुरेश चंद्र महापात्रा को इस मामले में जांच के लिए एक समीति गठित करने और पूरी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।
ओडिशा के मुख्य सचिव को एनसीएसटी ने पत्र लिखकर कहा था कि नायक को पर्याप्त सुरक्षा महैया कराने में हुई चूक और जिला प्रशासन के लापरवाह रैवैये को इसने बहुत गंभीता से लिया है, नायक एक संवैधानिक पद पर हैं।
इसी तरह का पत्र पुलिस महानिदेशक सुनील कुमार बंसल और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीबी-सीआईडी)अरुण बोथरा को भी भेजा गया था।
एनसीएसटी ने कहा कि 28 जुलाई से दो अगस्त तक क्योंझर दौरे पर गये नायक पर हमले की रिपोर्ट उसे मिली है।
पहली घटना हरिचंदनपुर प्रखंड में वाघामुंडा चौक के पास 29 जुलाई की है, जब करीब 50 लोगों ने एनसीएसटी सदस्य का वाहन रोक दिया था और उनके खिलाफ नारे लगाये थे। इस मामले को तुरंत अपराध शाखा-अपराध अन्वेषण विभाग (सीबी-सीआईडी), क्योंझर के पुलिस अधीक्षक और ओडिशा के पुलिस महानिदेशक के समक्ष दर्ज कराया गया था।
हालांकि, नायक पर तेलकोई प्रखंड के खानजी पानी में एक अगस्त को एक बार फिर हमला किया गया था।
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