गुवाहाटी, 16 मई असम पुलिस ने मंगलवार को कहा कि अगर उसके मोटे कर्मी इस साल नवंबर तक अपना वजन कम नहीं करते हैं तो वह ऐसे सभी कर्मियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) की पेशकश करेगी।
पुलिस महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश पर यह फैसला किया गया है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘असम पुलिस मुख्यालय ने आईपीएस/एपीएस अधिकारियों सहित असम पुलिस के सभी कर्मियों के ‘बॉडी मास इंडेक्स’ (बीएमआई) को पेशेवर तरीके से दर्ज करने का फैसला किया है...।"
सिंह ने कहा कि आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) और असम पुलिस सेवा (एपीएस) के अधिकारियों सहित सभी कर्मियों को 15 अगस्त तक तीन महीने का समय देने और उसके बाद बीएमआई दर्ज करने का फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि वह 16 अगस्त को अपना बीएमआई दर्ज कराने वाले बल के सबसे पहले व्यक्ति होंगे।
सिंह ने आठ मई को कहा था कि असम पुलिस ने करीब 680 ऐसे कर्मियों की सूची तैयार की है, जो आदतन शराब पीने वाले या मोटे हैं। उन्होंने कहा कि बहुस्तरीय समीक्षा के बाद, ड्यूटी के लिए अनुपयुक्त लोगों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की पेशकश की जाएगी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने अप्रैल में कहा था कि शराब की समस्या के कारण असम पुलिस के करीब 300 कर्मियों को सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
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