गुवाहाटी, दो अप्रैल असम मंत्रिमंडल ने पर्यावरण के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को राज्य के पर्यावरण एवं वन विभाग और फ्रांस की एक वित्त पोषण एजेंसी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी।
जल संसाधन मंत्री और सरकार के प्रवक्ता पीयूष हजारिका ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई बैठक ने एमओयू को मंजूरी दी, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण के संबंध में वन विभाग और अफ्रीका, एशिया और फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाएगा।
मंत्रिमंडल ने जाति प्रमाणपत्र जारी करने के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग संबंधी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की प्रकृति का जिक्र किया गया है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, जाति प्रमाणपत्र के वास्ते आवेदन के लिए कोई राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा और अगर अधिकारी आवेदक के पिता के प्रमाणपत्र से संतुष्ट हैं तो किसी अन्य जांच की आवश्यकता नहीं होगी।
हजारिका ने कहा कि यदि किसी जांच की जरूरत है तो वह 45 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग की 15 परियोजनाओं के लिए नाबार्ड से कर्ज के रूप में 170.15 करोड़ रुपये जुटाने को भी मंजूरी दी।
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