देश की खबरें | असम: एआईयूडीएफ विधायकों का भाजपा नेता की टिप्पणी को लेकर विधानसभा में प्रदर्शन

गुवाहाटी, चार मार्च असम विधानसभा में मंगलवार को विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल के बंगाली-भाषी मुसलमानों के खिलाफ दिए आपत्तिजनक बयान को लेकर प्रदर्शन किया और मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की मांग की।

सदन में हंगामे के कारण अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

एआईयूडीएफ विधायक रफीकुल इस्लाम ने प्रश्नकाल के अंत में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश करने की मांग की।

अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्ताव को अस्वीकृत किया जाता है क्योंकि यह निर्धारित नियमों और शर्तों के मुताबिक नहीं है।

इस्लाम ने कहा कि एक मंत्री द्वारा पूरे समुदाय के खिलाफ टिप्पणी करना गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र ढेकियाजुली में सिंघल द्वारा की गई टिप्पणी से संकेत मिलता है कि बंगाली भाषी मुसलमान, जिन्हें 'मिया' कहा जाता है, सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहेंगे।

इस्लाम ने कहा, "उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह एक पूरे समुदाय को नापसंद करते हैं। उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए और यदि उन्हें पद पर बने रहना है तो उन्हें अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए।"

दैमारी ने कहा कि हालांकि वह समुदाय की भावनाओं के प्रति सहानुभूति रखते हैं, लेकिन नियमों के अनुसार विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की अनुमति नहीं दी जा सकती।

जब एआईयूडीएफ विधायक प्रस्ताव की अपनी मांग पर अड़े रहे और सदन में हंगामा जारी रहा तो अध्यक्ष ने कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

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