देश की खबरें | अरुणाचल के राज्यपाल ने बीआरओ से दूरदराज के सीमावर्ती गांवों को आपस में जोड़ने को कहा

ईटानगर, 23 अगस्त अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक ने सीमा सड़क संगठन (बी.आर.ओ.) को जीवंत गांव कार्यक्रम के तहत दूरदराज के सीमावर्ती गांवों को आपस में जोड़ने के काम में तेजी लाने और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में समावेशिता और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया है।

पूर्वी सियांग जिले के दो दिवसीय दौरे पर आये राज्यपाल ने मंगलवार को पासीघाट में बी.आर.ओ. की परियोजना ब्रह्मांक के मुख्य अभियंता ए के मिश्रा के साथ बैठक के दौरान सड़क की देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि ग्रामीणों को कम से कम असुविधा हो।

एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यहां कहा गया कि परनाइक ने सड़कों का निर्माण कार्य समय पर पूरा करने और काम की उचित गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बीआरओ के मुख्य अभियंता ने स्थानीय संपर्क एवं स्थानीय विकास को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रोजेक्ट ब्रह्मांक के तहत चल रही परियोजनाओं पर एक व्यापक जानकारी प्रदान की।

राज्यपाल ने मजबूत सड़क संचार के सर्वोपरि महत्व को पहचानते हुए, राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और स्थानीय समुदायों के उत्थान को सुनिश्चित करने के लिए सड़क निर्माण की गति में तेजी लाने की जरूरत को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क एवं बुनियादी ढांचे का ग्रामीण आबादी के सामाजिक-आर्थिक स्थितियों पर दूरगामी तथा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

राज्यपाल ने अच्छी सड़कों के कारण एक महत्वपूर्ण लाभ के रूप में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में वृद्धि पर प्रकाश डाला, जबकि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए पर्यटन में वृद्धि की संभावना बताई।

उन्होंने बीआरओ और प्रमुख सड़क निर्माण एजेंसी से जुड़े सभी व्यक्तियों से अरुणाचल प्रदेश के विकास पथ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

राज्यपाल ने कठिन इलाकों और परिस्थितियों में रणनीतिक सड़कों की प्रगति के लिए समर्पित और प्रतिबद्ध प्रयासों के लिए बीआरओ, प्रोजेक्ट ब्रह्मांक और उसके सभी कर्मियों की सराहना की।

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