नयी दिल्ली, 25 मार्च सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि 31 जनवरी 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार करीब 47,674 प्रत्यक्ष कर चूककर्ताओं को लापता घोषित किया गया है और उन पर सरकार का 5.91 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अप्रत्यक्ष करों के मामले में, 31 जनवरी 2025 तक, 60,853 चूककर्ता लापता हैं और उन पर 43,525 करोड़ रुपये का बकाया है।
चौधरी ने कहा कि कर चूककर्ताओं से बकाया वसूलने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा विभिन्न कदम उठाए गए हैं।
कर चूककर्ताओं से बकाया वसूलने के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा किए गए उपायों में आयकर विभाग और विभिन्न बैंकों के साथ समन्वय कर चूककर्ताओं के बैंक खातों से लेनदेन रोकना, वित्तीय खुफिया इकाई से जानकारी प्राप्त करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि बकायेदारों के सभी मामलों में, जहां उनका पता नहीं चल पा रहा है, आयुक्तालय/मंडल स्तर पर राज्य के राजस्व प्राधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
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