नयी दिल्ली, 29 अप्रैल दिल्ली में बारिश की कमी और पश्चिमी शुष्क हवाओं के चलते इस साल अप्रैल को बीते तीन वर्षों का सबसे गर्म और प्रदूषित महीना दर्ज किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अप्रैल में राजधानी का औसत अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
यह वर्ष 2022 के बाद का सबसे गर्म अप्रैल का महीना है। इस महीने औसत तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
न्यूनतम तापमान भी औसतन 21.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक है।
आईएमडी अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की कमी और वर्षा न होने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहा। दिल्ली-एनसीआर में अप्रैल के दौरान बहुत कम वर्षा हुई और अधिकतर दिनों में तापमान सामान्य से ऊपर रहा, खासकर सात से नौ अप्रैल के बीच लगातार तीन दिन गर्म हवाएं चलती रही।
राष्ट्रीय राजधानी में इस बार अप्रैल में सिर्फ 0.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि वर्षा का सामान्य औसत 16.3 मिमी है। वर्ष 2023 में अप्रैल में 19.4 मिमी और 2024 में 7.5 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
स्काइमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, ‘‘शुष्क और धूल भरे मौसम ने न केवल तापमान बढ़ाया, बल्कि प्रदूषण भी बढ़ाया।’’
उन्होंने बताया कि मई की शुरुआत में हल्की बारिश संभव है, लेकिन गर्मी फिर से लौट सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, अप्रैल में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 211 रहा, जो वर्ष 2022 के बाद सबसे अधिक है।
दिल्ली में मंगलवार को अधिकतम तापमान घटकर 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। बृहस्पतिवार से शनिवार तक तेज हवाओं और वर्षा की आशंका के मद्देनजर 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
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