मुंबई,21 जुलाई महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुशरीफ ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लिखे पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायतों के प्रशासकों की नियुक्ति पर राज्य सरकार का निर्णय किसी राजनीतिक मकसद से नहीं लिया गया है।
मुशरीफ ने कहा कि संविधान के 73 वें संशोधन, कोविड-19 महामारी पर उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के निर्णयों पर विचार करते हुए प्रभारी मंत्रियों की सलाह पर प्रशासकों को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
मंत्री ने हजारे को सोमवार को भेजे पत्र में यह टिप्पणी की है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार पंचायतों के प्रशासकों की नियुक्तियों के मुद्दे पर मुशरीफ ने हजारे को उनके पत्र के जवाब में यह कहा है।
इस साल अप्रैल और जून के बीच 19 जिलो में 1,566 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया, जबकि इस महीने और दिसंबर के बीच 12,668 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक पत्र में मुशरीफ ने हजारे से कहा है, ‘‘इसके (नियुक्तियों के निर्णय) पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है और यह उम्मीद की गई थी कि जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभारी मंत्रियों की सलाह पर लोकतांत्रिक तरीके से सही व्यक्ति को प्रशासक नियुक्त करेंगे।’’
मुशरीफ ने यह भी कहा कि जब वह हजारे से मिलेंगे, तब वह इस निर्णय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि हजारे ने सोमवार को राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि इस संबंध में लिया गया निर्णय संविधान के अनुरूप नहीं है।
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