अपीलीय न्यायाधिकरण ने एनबीसीसी को जेपी इंफ्राटेक के मामले में काम शुरू करने को कहा
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एनसीएलएटी का यह निर्देश एनबीसीसी की याचिका पर आया है। एलबीसीसी की समाधान योजना को पहले ही राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) मंजूर कर चुका है। लेकिन इस मामले में एनबीसीसी के साथ-साथ जेपी समूह ने अपील दायर की है।

एनबीसीसी ने जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण को लेकर सफल बोली लगायी थी।

अपीलीय न्यायाधिकरण जेपी इंफ्राटेक के अंतरिम समाधान पेशेवर अनुज जैन को अंतरिम निगरानी समिति गठित करने को कहा। समिति में एनबीसीसी और उसके तीन बड़े कर्जदाता आईडीबीआई बैंक, आईआईएफसीएल और एलआईसी के प्रतिनिधि होंगे।

‘लॉकडाउन’ के दौरान याचिका पर सुनवाई करते हुए एनसीएलएटी के कार्यवाहक चेयरपर्सन बी एल भट्ट की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘..मंजूर समाधान योजना को क्रियान्वित किया जा सकता है। लेकिन यह अपील के परिणाम पर निर्भर करेगा।’’

अपीलीय न्यायाधिकरण ने आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक और अन्य को नोटिस जारी किया और दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 15 कई को होगी।

एनबीसीसी ने एनसीएलटी द्वारा मूल समाधान योजना में किये गये संधोधन को चुनौती दी है। एनबीसीसी की उस समाधान योजना को जेपी इंफ्राटेक के कर्जदाताओं की समिति ने मंजूरी दी थी।

एनबीसीसी की समाधान योजना को मंजूरी देते हुए एनसीएलटी की प्रधान पीठ ने आईसीआईसीआई बैंक और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की आपत्तियों को स्वीकार कर लिया और बिना दावे वाली मियादी जमाओं के धारकों को भुगतान किये जाने का निर्देश दिया।

एनबीसीसी के अनुसार एनसीएलटी कर्जदाताओं की समिति के निर्णय में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

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